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Up kiran,Digital Desk : हिमाचल प्रदेश में नए साल का पहला दिन पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश के साथ शुरू हुआ। लाहौल के कोकसर, अटल टनल और मणिमहेश सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई, जिससे रोहतांग के लिए वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। गुलाबा से आगे वाहन ले जाने पर पुलिस ने प्रतिबंध लगा दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 और 2 जनवरी को पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।

बर्फबारी से पर्यटक भी रोमांचित

सुबह से ऊंची चोटियों पर बर्फबारी शुरू हुई और दोपहर तक कोकसर व अटल टनल में ताजा बर्फ गिरी। रोहतांग दर्रा में 12 सेंटीमीटर, शिंकुला व कुंजुम दर्रा में 15 सेंटीमीटर, जांस्कर-समदो में 10 सेंटीमीटर, बारालाचा में 20 सेंटीमीटर और कोकसर में 5 सेंटीमीटर बर्फबारी रिकॉर्ड की गई। लाहौल-स्पीति, कुल्लू, चंबा और किन्नौर के पर्वतीय क्षेत्रों में भी बर्फबारी हुई।

पर्यटक हिमाचल के बर्फीले दृश्य का आनंद लेने पहुंचे और कई स्थानों पर फोटो व वीडियोज़ खिंचवाए। मनाली की चोटियों सेवन सिस्टर पीक, मनाली पीक, घेपन पीक, हनुमान टिब्बा, देऊ टिब्बा, मांगनकोट और इंद्रासन में भी बर्फबारी हुई।

शीतलहर और कोहरे से परेशान हुए लोग

प्रदेश के बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, ऊना और सिरमौर जिलों में घना कोहरा रहा। इसके कारण शीतलहर और बढ़ गई और लोगों के लिए राहगीरी मुश्किल हो गई। दिल्ली और श्रीनगर सहित पूरे उत्तर भारत में कोहरे के कारण करीब 300 से अधिक उड़ानों पर असर पड़ा। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 148 उड़ानों को रद्द करना पड़ा, जबकि 150 से अधिक उड़ानों में देरी हुई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत में चार-पांच दिन घना कोहरा बना रह सकता है।

न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड

ताबो: 3.4°C

कुकुमसेरी: 3.4°C

कल्पा: 2.1°C

सोलन: 5.2°C

मंडी: 6.2°C

हमीरपुर: 6.6°C

मनाली: 6.7°C

धर्मशाला: 6.8°C

शिमला: 8.7°C

बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे

जिला ऊना में हल्की बारिश ने किसानों को राहत दी। लंबे समय से सूखे खेतों में नमी लौटने से रबी फसलों जैसे गेहूं, सरसों और चारे को लाभ मिलने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि यह बारिश उनके लिए वरदान जैसी है।

किसान जोगिंदर सिंह ने कहा कि खेतों को नई जिंदगी मिली है और गेहूं की पैदावार में फायदा होगा। सुरेंद्र कुमार ने बताया कि जिनके पास सिंचाई के साधन नहीं हैं, उनके लिए यह बारिश बहुत लाभकारी है। रमेश चंद ने कहा कि अगर आने वाले दिनों में हल्की बारिश जारी रही, तो फसलें और बेहतर होंगी।

पर्यटन स्थलों में आस्था और भी बढ़ी

नए साल के पहले दिन मनाली के हिडिम्बा देवी मंदिर में भक्तों ने पूजा-अर्चना की। सोलन शहर में दो माह बाद शुरू हुई हल्की बारिश ने न केवल ठंड बढ़ाई बल्कि प्रदूषण को कम करने और किसानों के लिए राहत देने में मदद की।