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Up Kiran,Digital Desk: बिहार राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए चौकीदार और दफादार के पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने का रास्ता साफ कर दिया है। हाल ही में, बिहार चौकीदार संवर्ग नियमावली 2026 का प्रारूप तैयार किया गया है, जिसे अब बिहार पुलिस के क्षेत्रीय अधिकारियों से समीक्षा के लिए भेजा गया है। इसके बाद इसे गृह विभाग द्वारा अधिसूचित किया जाएगा, जिससे यह प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो सकती है।

चौकीदार पदों की जिला स्तरीय व्यवस्था
नए प्रारूप के मुताबिक चौकीदार पद अब एक पूरी तरह से जिला स्तरीय संवर्ग बन जाएगा। इसका मतलब यह है कि हर जिले में चौकीदारों की नियुक्ति और प्रशासनिक जिम्मेदारी सीधे जिलाधिकारी (DM) के पास होगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि स्थानीय प्रशासन को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार कर्मचारियों की भर्ती में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी।

नौकरी के लिए योग्यता और आयु सीमा
चौकीदार के पद पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्था से 10वीं कक्षा तक की शिक्षा प्राप्त होना जरूरी है। इसके अलावा, उम्मीदवार को साइकिल चलाने का ज्ञान भी होना चाहिए, जो ग्रामीण क्षेत्रों में एक महत्वपूर्ण कौशल है। आयु सीमा में सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 30 वर्ष निर्धारित की गई है। उम्मीदवार केवल अपने जिले में रिक्त पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

हर साल रिक्तियों का आकलन
नए नियमों के तहत, हर साल 1 अप्रैल की स्थिति में जिलाधिकारी को अपने जिले में चौकीदार के पदों की रिक्तियों का आकलन करना होगा। इसके बाद, रोस्टर क्लियरेंस प्राप्त करने के बाद, ये रिक्तियां गृह विभाग को 30 अप्रैल तक भेजी जाएंगी, जिससे भर्ती प्रक्रिया और अधिक व्यवस्थित होगी।

द्विस्तरीय चयन प्रक्रिया
चौकीदार के पदों पर भर्ती के लिए दो स्तरों में चयन प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। पहले चरण में एक लिखित परीक्षा होगी, जिसमें 75 अंक निर्धारित हैं। दूसरे चरण में शारीरिक परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें 50 अंक होंगे। दोनों परीक्षाओं के आधार पर जिलावार मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी, और उम्मीदवारों का चयन उनके स्थानीय जिले के रिक्त पदों के अनुसार होगा।

नई भर्ती प्रक्रिया से रोजगार के अवसर
इस नई नियमावली के लागू होने से बिहार में लंबे समय से लंबित चौकीदार–दफादार भर्ती प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है। इसके परिणामस्वरूप, न केवल ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। खासकर उन युवाओं के लिए, जो लंबे समय से सरकारी नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, यह एक अहम अवसर साबित हो सकता है।