UP Kiran,Digital Desk: नीतीश सरकार ने युवाओं के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है, जिससे राज्य के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सहायता मिलने वाली है। सीएम स्वयं सहायता भत्ता योजना (MNSSBY) के तहत राज्य के युवाओं को हर महीने 1000 रुपये की मदद मिलेगी, जो उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और कौशल विकास में सहारा देगा। यह योजना खासतौर पर उन युवाओं के लिए है जो अपनी आगे की शिक्षा पूरी करने के बाद रोजगार पाने में संघर्ष कर रहे हैं।
योजना का उद्देश्य और लाभ
इस योजना का प्रमुख उद्देश्य शिक्षा प्राप्त कर चुके, लेकिन बेरोजगार युवाओं को सशक्त बनाना है। मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत युवाओं को दो साल तक प्रतिमाह 1000 रुपये का भत्ता मिलेगा। यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी, जिससे उन्हें अपनी पढ़ाई और कौशल विकास में मदद मिलेगी। यह पहल युवाओं के आत्मनिर्भर बनने के सपने को साकार करने में मददगार साबित हो सकती है।
दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया
योजना का लाभ उठाने के लिए युवाओं को पहले अपने दस्तावेज़ सत्यापित करवाने होंगे। यह सत्यापन जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) सिकंदरपुर में किया जा रहा है। इसके लिए आवेदन करने वाले युवाओं को अपने दस्तावेज़ 28 फरवरी तक सत्यापित करवा लेने होंगे, ताकि वे समय पर भत्ते का लाभ प्राप्त कर सकें। दस्तावेज़ सत्यापन के बाद ही यह सहायता उनके बैंक खाते में सीधे भेजी जाएगी।
कौन कर सकता है आवेदन?
मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना में आवेदन करने के लिए कुछ शर्तें हैं:
आयु: आवेदक की आयु 20 से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
शैक्षिक योग्यता: आवेदक को न्यूनतम 12वीं पास होना चाहिए, और कुछ मामलों में स्नातक युवाओं को भी इस योजना का लाभ मिल सकता है।
बेरोजगारी: आवेदक को बेरोजगार होना चाहिए और किसी अन्य सरकारी छात्रवृत्ति या भत्ते का लाभ नहीं मिल रहा होना चाहिए।
आवेदन प्रक्रिया
योजना में आवेदन करने के लिए आवेदकों को ऑनलाइन प्रक्रिया से गुजरना होगा। आवेदन प्रक्रिया “सात निश्चय” पोर्टल पर उपलब्ध है। आवेदक 7nishchay-yuvaupmission.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद, दस्तावेज़ सत्यापन के लिए डीआरसीसी में उपस्थित होना अनिवार्य है।
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