UP Kiran,Digital Desk: बिहार में महिला शिक्षकों को जल्द ही एक नई सौगात मिल सकती है, जो न केवल उनके पेशेवर जीवन को बल्कि व्यक्तिगत जीवन को भी आसान बना सकती है। राज्य सरकार महिला शिक्षकों को दो महत्वपूर्ण लाभ देने की योजना बना रही है: एक तो उनके गृह जिले में पोस्टिंग और दूसरा, अपने शिशु की देखभाल के लिए 730 दिनों का अवकाश।
महिलाओं को मिलेगा 730 दिनों का चाइल्ड केयर लीव
बिहार सरकार ने महिलाओं को मातृत्व अवकाश के साथ-साथ अब 2 साल तक के चाइल्ड केयर लीव (शिशु देखभाल अवकाश) देने की घोषणा की है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने हाल ही में विधान परिषद में इस फैसले की जानकारी दी। 2015 में केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई गजट अधिसूचना के आधार पर राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि महिला कर्मचारियों को पूरे कार्यकाल में 730 दिनों तक का चाइल्ड केयर लीव मिलेगा। यह निर्णय महिला शिक्षकों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है, खासकर उन महिलाओं के लिए जो शिशु की देखभाल के दौरान अपने करियर के बीच सामंजस्य बैठाने की कोशिश कर रही हैं।
मातृत्व अवकाश में वेतन में कोई कटौती नहीं
महिला शिक्षकों के लिए यह और भी राहत की बात है कि उन्हें मातृत्व अवकाश के दौरान वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने इस बात की स्पष्टता दी कि सरकार हर महीने इस मामले की समीक्षा करती है और यदि किसी महिला शिक्षक का वेतन कटता है, तो विभाग पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। यह कदम महिला कर्मचारियों के लिए एक सकारात्मक बदलाव साबित हो सकता है, जो अक्सर अपने मातृत्व के दौरान वेतन संबंधी मुद्दों से जूझती हैं।
गृह जिले में पोस्टिंग पर विचार
महिला शिक्षकों की समस्याओं को लेकर विपक्षी दल की नेता राबड़ी देवी ने विधान परिषद में एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया था। उनका कहना था कि महिला शिक्षकों को उनके गृह जिले में पोस्टिंग दी जाए ताकि उन्हें दूर-दराज के इलाकों में नौकरी के लिए नहीं जाना पड़े। इस पर शिक्षा मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाया और कहा कि इस मुद्दे पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। गृह जिले में पोस्टिंग मिलने से महिला शिक्षकों को परिवार और कार्य के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद मिल सकती है, जिससे उनकी कार्य क्षमता भी बढ़ सकती है।
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