UP Kiran,Digital Desk: भारत सरकार ने 2026-27 के बजट में एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है, जिसका उद्देश्य देश को तकनीकी महाशक्ति के रूप में स्थापित करना है। इस बजट के माध्यम से भारत ने क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अपनी वैश्विक स्थिति मजबूत करने की योजना बनाई है। इसका लक्ष्य है कि भारत अगले दो दशकों में इन तकनीकी क्षेत्रों में एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरे, खासकर जब 2047 तक विदेशी क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स को दी जाने वाली टैक्स हॉलिडे नीति लागू होगी।
टैक्स हॉलिडे का महत्व
भारत सरकार द्वारा पेश की गई यह टैक्स हॉलिडे नीति विदेशों से आने वाली क्लाउड कंपनियों के लिए एक आकर्षक अवसर है। इसके तहत, जो विदेशी कंपनियां भारत में डेटा सेंटर स्थापित करेंगी और यहां से अपनी सेवाएं देंगी, उन्हें 2026 से 2047 तक अपनी आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। हालांकि, इस राहत के लिए कंपनियों को कुछ शर्तों और निवेश मानकों को पूरा करना होगा।
डेटा सेंटर का बढ़ता हुआ महत्व
भारत में डेटा सेंटर क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, और इसमें निवेश का प्रवाह भी बढ़ रहा है। अनुमानित 70 अरब डॉलर का निवेश पहले ही प्रक्रिया में है, और लगभग 90 अरब डॉलर की नई परियोजनाओं की घोषणा हो चुकी है। वर्तमान में, देश में क्लाउड डेटा सेंटर की क्षमता लगभग 1,280 मेगावाट है, जो अगले दशक में चार से पांच गुना बढ़ सकती है। एआई, 5जी, डिजिटल भुगतान और ई-गवर्नेंस जैसी सेवाओं की मांग बढ़ने के कारण डेटा स्टोरेज और प्रोसेसिंग की आवश्यकता भी लगातार बढ़ रही है।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर
भारत सरकार ने बजट में सेमीकंडक्टर उद्योग को भी बढ़ावा देने के लिए 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0' की घोषणा की है। इसके लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस पहल का उद्देश्य सेमीकंडक्टर निर्माण से जुड़ी मशीनों और उपकरणों का डिजाइन और निर्माण करना है। उद्योग से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए कंपनियां उत्साहित हैं। इस मिशन के तहत अब तक 149 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जो भारत में इस क्षेत्र के संभावित विकास की ओर इशारा करते हैं।
आईटी सेक्टर को मिलेगी कर राहत
भारत का आईटी निर्यात 220 अरब डॉलर से अधिक है, जो देश की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार ने इस सेक्टर को और भी मजबूती देने के लिए 15.5 प्रतिशत का सेफ हार्बर मार्जिन प्रस्तावित किया है, जिससे कर विवादों को कम किया जा सकेगा और कारोबार में आसानी होगी। यह कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ट्रांसफर प्राइसिंग विवादों को हल करने में मदद करेगा।


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