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Up kiran,Digital Desk : भारत का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोसिस्टम अब बड़े शहरों के कॉरपोरेट ऑफिसों से निकलकर देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों की गलियों तक पहुंच गया है। 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के दौरान आयोजित 'YuvAi' हैकथॉन ने इस बदलाव की एक सशक्त तस्वीर पेश की है। टाटा के सहयोग से आयोजित इस हैकथॉन में देश भर के 3,000 छात्रों ने हिस्सा लिया और भारत की भाषाई विविधता को ध्यान में रखते हुए ऐसे 'वर्नाकुलर' (क्षेत्रीय भाषाई) समाधान पेश किए, जो आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकते हैं।

अश्विनी वैष्णव का विजन: "दुनिया पहचानेगी भारत की एआई ताकत"

आयोजन के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने छात्रों के साथ सीधा संवाद किया और उनके नवाचारों की सराहना की। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा:

ग्लोबल स्टैंडर्ड: भारत के एआई मॉडल्स को वैश्विक मानकों पर टेस्ट किया गया है और वे हर कसौटी पर खरे उतरे हैं।

हेल्थकेयर मॉडल: भारत एआई के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं का एक ऐसा मॉडल तैयार कर रहा है, जो दुनिया भर के लिए मिसाल बनेगा।

टेक्नोलॉजी का लोकतंत्रीकरण: पीएम मोदी के विजन के अनुरूप एआई को अब 'डेमोक्रेटाइज' किया जा रहा है, ताकि इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

हाइप नहीं, 'इम्पैक्ट' पर है फोकस

हैकथॉन में छात्रों द्वारा पेश किए गए समाधान MeitY सचिव एस. कृष्णन के उस बयान की पुष्टि करते हैं, जिसमें उन्होंने एआई के वास्तविक 'आउटकम' यानी परिणामों पर जोर दिया था।

वर्नाकुलर क्रांति: अंग्रेजी आधारित एआई मॉडल की पहुंच सीमित है। छात्रों ने क्षेत्रीय भाषाओं में एआई समाधान तैयार किए हैं, जिससे कृषि, स्थानीय एमएसएमई और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में 'डिजिटल डिवाइड' को कम किया जा सकेगा।

सामाजिक बदलाव का टूल: इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय एआई को केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव के सशक्त माध्यम के रूप में देख रहा है।

[Image showing student innovators presenting AI solutions at YuvAi Hackathon]

व्यावसायिक और सामाजिक प्रभाव

यह हैकथॉन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भविष्य के स्टार्टअप्स की नर्सरी साबित हो रही है। छात्रों का फोकस 'देसी' समस्याओं पर है:

कृषि: मिट्टी की जांच और फसल रोगों की पहचान क्षेत्रीय भाषाओं में।

शिक्षा: स्थानीय भाषाओं में 'पर्सनलाइज्ड लर्निंग' टूल्स।

कौशल विकास: इंडस्ट्री, एकेडमी और सरकार मिलकर री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग पर काम कर रहे हैं।

हैकथॉन की मुख्य विशेषताएं (Highlights):

विवरणआंकड़े / प्रभाव
प्रतिभागी छात्र3,000 से अधिक
सहयोगी संस्थानइलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय एवं टाटा
मुख्य फोकसवर्नाकुलर (क्षेत्रीय भाषाई) एआई समाधान
उद्देश्यजमीनी स्तर पर प्रोडक्टिविटी और इम्पैक्ट बढ़ाना