Up kiran,Digital Desk : इंडिगो की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रहीं। पहले हज़ारों यात्रियों की फ्लाइट्स धड़ाधड़ कैंसिल हुईं, जिससे लोग एयरपोर्ट पर परेशान होते रहे, और अब देश की सबसे बड़ी एयरलाइन पर सरकार की भी नज़र पड़ गई है। बाज़ार में कंपनियों के बीच कंपटीशन पर नजर रखने वाली संस्था, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने अब इस मामले की जांच शुरू कर दी है। CCI यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इंडिगो अपनी बड़ी साइज़ और ताकत का गलत फायदा तो नहीं उठा रही।
तो आखिर CCI जांच क्या करेगी?
एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि CCI ने इस मामले पर खुद ही ध्यान दिया है (यानी किसी की शिकायत का इंतज़ार नहीं किया) और यह जानने की कोशिश कर रही है कि:
- कहीं इंडिगो मनमानी तो नहीं कर रही? देश के हवाई बाज़ार में इंडिगो की 65% से ज़्यादा हिस्सेदारी है। CCI यह देखेगी कि क्या इंडिगो इस 'दबंग' स्थिति का फायदा उठाकर दूसरी एयरलाइंस को दबा रही है या यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रही है।
- ताकत का गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा? आसान भाषा में समझें तो, बाज़ार में किसी कंपनी का बड़ा होना गलत नहीं है, लेकिन अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल करना कानून के खिलाफ है। CCI इसी 'गलत इस्तेमाल' की जांच कर रही है।
DGCA की भी है पैनी नजर
एक तरफ जहाँ CCI कंपटीशन के एंगल से जांच कर रही है, वहीं दूसरी तरफ विमानों पर नज़र रखने वाली संस्था DGCA भी इंडिगो के कामकाज पर अपनी निगरानी बढ़ा चुकी है। यानी इंडिगो इस समय दोहरी जांच के घेरे में है।
माना जा रहा है कि इंडिगो ने नए नियमों को लागू करने में सही प्लानिंग नहीं की, जिसकी वजह से इतनी सारी फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ीं।
इस पूरी जांच का मकसद यह पक्का करना है कि कोई भी कंपनी अपनी बड़ी साइज़ का फायदा उठाकर ग्राहकों को परेशान न करे और बाजार में सबके लिए बराबरी का मौका बना रहे।
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