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Up kiran,Digital Desk : अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ्तों के युद्धविराम (Ceasefire) के बाद 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को व्यापार के लिए खोल दिया गया है। लेकिन, ईरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक ऐसी शर्त रख दी है जिसने पूरी दुनिया के शिपिंग उद्योग में खलबली मचा दी है। ईरान अब होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों से कैश या डॉलर में नहीं, बल्कि क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) में टोल वसूलने की तैयारी कर चुका है।

प्रतिबंधों से बचने के लिए 'बिटकॉइन' का सहारा

फाइनेंशियल टाइम्स (FT) की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले हर तेल टैंकर का आकलन करने और उनसे डिजिटल करेंसी में भुगतान लेने का पूरा खाका तैयार कर लिया है। ईरान के तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल उत्पाद निर्यातकों के संघ के प्रवक्ता हामिद हुसैनी ने स्पष्ट किया कि यह कदम सुरक्षा और आर्थिक कारणों से उठाया गया है।

हुसैनी ने बताया, "ईरान को इस बात की निगरानी करनी है कि होर्मुज से क्या आ रहा है और क्या जा रहा है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि इन दो हफ्तों का उपयोग हथियारों की तस्करी के लिए न हो।" उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को जहाजों को निकालने में कोई जल्दबाजी नहीं है, हर जहाज की जांच में वक्त लगेगा।

क्या है ईरान का वसूली प्लान? (टोल रेट और प्रक्रिया)

ईरान ने टोल वसूली के लिए जो प्रक्रिया बनाई है, वह किसी आधुनिक डिजिटल टोल प्लाजा की तरह है:

ईमेल द्वारा जानकारी: हर टैंकर को अपने माल (Cargo) की विस्तृत जानकारी ईरानी अधिकारियों को ईमेल करनी होगी।

प्रति बैरल चार्ज: तेल के हर बैरल पर 1 डॉलर (करीब 84 रुपये) का टोल शुल्क निर्धारित किया गया है।

डिजिटल पेमेंट: ईमेल की जांच के बाद ईरान बताएगा कि कितनी डिजिटल करेंसी देनी है। पेमेंट के लिए बिटकॉइन (Bitcoin) का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि प्रतिबंधों के कारण इसे ट्रैक या जब्त न किया जा सके।

खाली टैंकरों को छूट: जो टैंकर खाली हैं, उन्हें बिना किसी रोक-टोक और शुल्क के गुजरने की अनुमति दी जाएगी।

जोखिम भरा रास्ता: उत्तरी तट से गुजरने की मजबूरी

ईरान चाहता है कि सभी टैंकर उसके तट के करीब 'उत्तरी रास्ते' का इस्तेमाल करें। इससे पश्चिमी देशों और खाड़ी देशों के जहाजों के लिए जोखिम बढ़ गया है। जानकारों का सवाल है कि क्या अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां इस खतरनाक रास्ते और क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान की शर्त को मानेंगी?

सीजफायर के बाद दो जहाजों ने पार किया होर्मुज

युद्धविराम के समझौते के बाद बुधवार को दो जहाजों ने सफलतापूर्वक इस जलमार्ग को पार किया। मरीनट्रैफिक के अनुसार, ग्रीक बल्क कैरियर 'एनजे अर्थ' और लाइबेरियाई ध्वज वाले 'डेटोना बीच' ने होर्मुज को पार किया। फारस की खाड़ी में फिलहाल 800 से अधिक जहाज फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि, डेनमार्क की दिग्गज कंपनी 'मेर्स्क' ने कहा है कि वह सुरक्षा चिंताओं के कारण फिलहाल सतर्क रुख अपनाएगी और जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेगी।