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Up Kiran,Digital Desk: उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख शहरों जौनपुर और आजमगढ़ में नई बाईपास परियोजनाओं को हरी झंडी मिल गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में इन परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनसे इन दोनों शहरों में ट्रैफिक की समस्या को हल करने में मदद मिलेगी। इन बाईपासों के निर्माण से न सिर्फ यात्रा की गति बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए यह आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से भी फायदे का सौदा साबित होगा।

जौनपुर में 12.2 किमी का वेस्टर्न बाईपास

जौनपुर में ट्रैफिक से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर आई है। यहाँ बनने जा रहा 12.2 किमी लंबा 4-लेन वेस्टर्न बाईपास शहर की सड़कों पर दबाव कम करेगा। इस बाईपास को बनाने के लिए लगभग 944 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है। यह बाईपास जौनपुर शहर के केंद्र को छोड़ते हुए यातायात को सुगम बनाएगा, जिससे स्थानीय ट्रैफिक से बचने के लिए लोग सीधे बाहरी इलाकों की ओर बढ़ सकेंगे।

यह परियोजना खासतौर पर उन भारी वाहनों के लिए फायदेमंद होगी, जो रोज़ाना शहर के बीच से गुजरते हैं। इसके जरिए राष्ट्रीय राजमार्ग-731 और 135A को जोड़ते हुए, शहर के भीतर से गुजरने वाले भारी ट्रैफिक को बाहर निकाला जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य शहर के भीतर की सड़कों पर जाम और दुर्घटनाओं को कम करना है।

आजमगढ़ में 15 किमी का नया बाईपास

आजमगढ़ में भी एक और बाईपास परियोजना की मंजूरी मिल गई है, जो 15 किमी लंबा और 4-लेन होगा। इसकी कुल लागत 1279 करोड़ रुपये तय की गई है। इस बाईपास से शहर के ट्रैफिक जाम में काफी कमी आएगी और यात्रा का समय भी घटेगा।

इस बाईपास में कई प्रमुख सुविधाएं जैसे फ्लाईओवर, इंटरचेंज और स्लिप रोड का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे स्थानीय ट्रैफिक नेटवर्क में सुधार होगा। यह बाईपास राष्ट्रीय राजमार्ग-28 और 128B को जोड़ते हुए, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा। इससे एक ओर फायदा होगा—दो प्रमुख राजमार्गों के बीच ट्रैफिक की आवाजाही में सुधार आएगा।