
uttarakhand news: कुमाऊं मंडल आयुक्त दीपक रावत ने गुरुवार को काठगोदाम के बैली ब्रिज का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक सख्ती का एक और उदाहरण पेश किया। निरीक्षण के दौरान जब उन्हें ब्रिज के नट-बोल्ट गायब होने की बात सामने आई, तो आयुक्त ने अफसरों से दो टूक सवाल किया कि ये नट-बोल्ट गायब हुए हैं या चोरी हुए हैं?
जवाब में अफसरों ने स्वीकार किया कि नट-बोल्ट चोरी हुए हैं। इस पर रावत ने तुरंत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए और साफ कहा कि इस मामले में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
बता दें कि काठगोदाम का बैली ब्रिज पहाड़ के लिए एक अहम कड़ी है। ये स्थानीय लोगों और सैलानियों के आवागमन को जोड़ता है। ऐसे में इसके रखरखाव में लापरवाही का यह मामला गंभीर सवाल खड़े करता है। आयुक्त ने अफसरों को फटकार लगाते हुए कहा कि ब्रिज की मरम्मत का काम जल्द से जल्द पूरा हो। जरूरत पड़े तो रात में भी काम किया जाए, ताकि पहाड़ आने-जाने वालों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
काठगोदाम का बैली ब्रिज कुमाऊं क्षेत्र में आवागमन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। खासकर पर्यटन सीजन में जब सैलानी नैनीताल और नजदीक के इलाकों का रुख करते हैं। इस ब्रिज की अहमियत और बढ़ जाती है। ऐसे में नट-बोल्ट चोरी की घटना ने स्थानीय प्रशासन की तैयारियों पर सवालिया निशान लगा दिया है।
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