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UP Kiran,Digital Desk: भारत सरकार ने हाल ही में अपने प्रशासनिक तंत्र को और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब देश के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की कार्यप्रणाली को सिर्फ वार्षिक रिपोर्ट्स पर निर्भर नहीं रहकर एक व्यापक और विशिष्ट स्कोरकार्ड सिस्टम से आंका जाएगा। इस पहल के तहत, अब यूनियन सेक्रेटरी स्तर के अधिकारियों को उनके प्रदर्शन के लिए एक संपूर्ण अंक प्रणाली दी जाएगी।

नई प्रणाली का उद्देश्य: कार्यों में तेजी और पारदर्शिता

कैबिनेट सचिवालय द्वारा लागू की गई इस नई मूल्यांकन प्रणाली के तहत वरिष्ठ अधिकारियों को 100 अंकों के पैमाने पर मापा जाएगा। इस स्कोरकार्ड में उनके कामकाज, मेरिट और लापरवाही को बारीकी से जांचा जाएगा, जिससे सरकार के अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। इस कदम का सबसे बड़ा फायदा सरकारी कामकाज में हो रही देरी पर नियंत्रण पाना है।

समय पर सेवाएं प्रदान करने में मददगार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रशासनिक प्रक्रिया को त्वरित बनाने और लंबित फाइलों के मुद्दे पर पहले भी चिंता जताई थी। इस नए स्कोरकार्ड प्रणाली के लागू होने से आम नागरिकों, व्यवसायों और स्टार्टअप्स को सरकारी सेवाओं जैसे लाइसेंस, परमिशन, और ग्रांट समय पर मिल सकेंगी। यह बदलाव सरकारी सेवाओं की प्रभावशीलता में भी सुधार करेगा और नागरिकों के लिए इसका सीधा असर पड़ेगा।

प्रमुख मानदंड और मूल्यांकन प्रणाली

इस नए स्कोरकार्ड में विभागीय फाइलों की त्वरित निपटान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, जिसके लिए 20 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त विभागीय आउटपुट, योजनाओं की निगरानी और परियोजनाओं पर खर्च को 15-15 अंकों का महत्व दिया गया है। इसके साथ ही जन शिकायतों के समाधान, कैबिनेट नोट तैयार करने की गुणवत्ता और प्रोजेक्ट्स की समयबद्ध पूर्ति को भी स्कोरकार्ड में शामिल किया गया है।

नेगेटिव मार्किंग का भी प्रावधान

नई व्यवस्था का एक अनोखा पहलू यह है कि इसमें नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान रखा गया है। इसमें 12 अंकों का नकारात्मक स्कोर उन मामलों में दिया जा सकता है जहां अनावश्यक विदेशी दौरे या खर्चे हुए हों, या फिर सचिव स्तर की फाइलें लंबित रही हों। साथ ही, माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) को भुगतान में देरी होने पर भी नकारात्मक अंक दिए जाएंगे।

असाधारण कार्यों के लिए बोनस अंक

इसके अतिरिक्त, विभागीय अधिकारियों के असाधारण कार्यों के लिए 5 बोनस अंक दिए जा सकते हैं। ये अंक कैबिनेट सचिव द्वारा उन अधिकारियों को दिए जाएंगे जिन्होंने सरकारी कार्यों में नवाचार या विशेष योगदान दिया हो।