Up kiran,Digital Desk : पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर के इतिहास में 14 अप्रैल का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। ईस्टर्न पेरिफेरल, यमुना और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के बाद अब वेस्ट यूपी को अपना चौथा एक्सप्रेसवे मिलने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का विधिवत उद्घाटन करेंगे। यह एक्सप्रेसवे न केवल पर्यटन को नई ऊंचाइयां देगा, बल्कि बागपत, शामली और सहारनपुर जैसे जिलों के लिए आर्थिक समृद्धि का द्वार भी खोलेगा।
मोदी-योगी-धामी की 'ट्रिपल इंजन' शक्ति और 2027 का शंखनाद
आंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय है। जानकारों का मानना है कि इस उद्घाटन के जरिए पीएम मोदी, सीएम योगी और सीएम धामी की तिकड़ी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को एक साथ साध रही है। इसे 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए 'विकास के एजेंडे' का शंखनाद माना जा रहा है।
पीएम मोदी का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम (सहारनपुर प्रवास)
प्रधानमंत्री का सहारनपुर दौरा लगभग 45 मिनट का रहेगा, जो पूरी तरह से एक्सप्रेसवे के तकनीकी अवलोकन पर केंद्रित है:
10:25 AM: देहरादून एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर द्वारा रवानगी।
10:50 AM: गणेशपुर हेलीपैड (सहारनपुर) पर आगमन।
11:10 AM: हाईवे के एलिवेटेड सेक्शन स्थित व्यू प्वाइंट पर पहुंचेंगे।
11:15 - 11:25 AM: वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का विशेष अवलोकन।
11:35 AM: मां दात काली मंदिर (देहरादून) पहुंचेंगे।
12:30 PM: देहरादून में सार्वजनिक जनसभा और एक्सप्रेसवे का औपचारिक उद्घाटन।
वेस्ट यूपी में एक्सप्रेसवे का जाल: एक नजर में
पश्चिमी उत्तर प्रदेश अब देश के सबसे आधुनिक सड़क नेटवर्क वाले क्षेत्रों में अग्रणी बन गया है। यहां बिछे एक्सप्रेसवे की स्थिति इस प्रकार है:
| एक्सप्रेसवे का नाम | वर्तमान स्थिति / उद्घाटन | प्रमुख लाभ |
|---|---|---|
| दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे | आज उद्घाटन (14 अप्रैल 2026) | दिल्ली से देहरादून मात्र 2.5 घंटे में। |
| गंगा एक्सप्रेसवे | 96% कार्य पूर्ण (मई-जून 2026 तक शुरू) | मेरठ से प्रयागराज को सीधे जोड़ेगा। |
| दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे | संचालित (1 अप्रैल 2021) | 14-लेन का आधुनिक मार्ग, सफर सुगम। |
| ईस्टर्न पेरिफेरल | संचालित (27 मई 2018) | दिल्ली के बाहर-बाहर गाजियाबाद-पलवल कनेक्टिविटी। |
| यमुना एक्सप्रेसवे | संचालित (9 अगस्त 2012) | ग्रेटर नोएडा से आगरा तक 165 किमी का सफर। |
किसानों और उद्योगों के लिए 'गेम चेंजर'
इस चौथे एक्सप्रेसवे के शुरू होने से वेस्ट यूपी के किसानों को सबसे बड़ा फायदा होगा। अब वे अपनी फल, सब्जियां और अन्य फसलें कम समय में दिल्ली और देहरादून की बड़ी मंडियों तक पहुंचा सकेंगे। साथ ही, एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारे विकसित होने से बागपत और शामली जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। वाइल्डलाइफ कॉरिडोर के कारण पर्यावरण और विकास का एक अनूठा संगम इस प्रोजेक्ट में देखने को मिला है।




