Up Kiran, Digital Desk: बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब खुद कमान संभाल ली है। आज, यानी बुधवार को, पीएम मोदी 'मेरा बूथ, सबसे मजबूत' अभियान के तहत बिहार के बूथ-स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे। इस संवाद का मकसद चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का जोश बढ़ाना और उनसे सीधे सुझाव लेना है।
क्या है 'मेरा बूथ, सबसे मजबूत' अभियान?
यह अभियान भाजपा का एक पुराना और सफल इंटरैक्टिव आउटरीच प्रोग्राम है। इसका मुख्य उद्देश्य पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ स्थानीय या बूथ स्तर पर पार्टी के जुड़ाव को मजबूत करना है। पार्टी का मानना है कि चुनाव की असली जंग बूथ पर ही जीती जाती है, और इसके लिए कार्यकर्ताओं का सक्रिय और प्रेरित रहना बहुत जरूरी है।
रविवार को पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में लिखा था, "बिहार में बीजेपी-एनडीए की जीत के लिए हमारे समर्पित कार्यकर्ता पूरी ऊर्जा के साथ जुट गए हैं। ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओं से संवाद करना हमेशा नई प्रेरणा देता है। 15 अक्टूबर को मुझे ऐसे कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा।"
उन्होंने कार्यकर्ताओं को आमंत्रित करते हुए कहा, "मेरा अनुरोध है... आप सभी 'मेरा बूथ, सबसे मजबूत' अभियान से जुड़ें और आज ही अपने सुझाव साझा करें। मैं कुछ चुनिंदा कार्यकर्ताओं से उनके सुझावों पर सीधी चर्चा भी करूंगा।"
बिहार NDA में सीटों का बंटवारा भी हुआ फाइनल
कार्यकर्ताओं से संवाद के इस कार्यक्रम से ठीक पहले, बिहार एनडीए ने अपने सीट-बंटवारे का फॉर्मूला भी तय कर लिया है। एनडीए के प्रभारी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को इसकी घोषणा की।
गठबंधन में सीटों का बंटवारा इस प्रकार है:
बीजेपी (BJP): 101 सीटें
जेडीयू (JD(U)): 101 सीटें
लोजपा (रामविलास): 29 सीटें
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM): 6 सीटें
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM): 6 सीटें
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि एनडीए के सहयोगियों ने सौहार्दपूर्ण माहौल में सीटों का बंटवारा पूरा कर लिया है और बिहार एक बार फिर एनडीए सरकार के लिए तैयार है।
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