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Up kiran,Digital Desk : उत्तर प्रदेश में चीनी मांझे को लेकर सियासत और सख्त होती जा रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा किया। वीडियो में उन्होंने कहा कि पीछे के घर से कटी एक पतंग आकर गिरी है, जिसमें साफ तौर पर चीनी मांझा लगा हुआ नजर आ रहा है। उनका यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब यूपी सरकार ने चीनी मांझे से होने वाली मौत को हत्या मानने का बड़ा फैसला लिया है।

वीडियो साझा कर अखिलेश यादव ने उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने वीडियो के साथ लिखा कि जो पतंग उनके घर के पीछे से उड़कर आई है, उसमें खतरनाक चीनी मांझा इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने इशारों में यह सवाल भी खड़ा किया कि जब प्रतिबंध के बावजूद यह मांझा खुलेआम इस्तेमाल हो रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है। उनका यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और एक बार फिर चीनी मांझे का मुद्दा चर्चा के केंद्र में आ गया है।

सरकार के सख्त फैसले के बीच आया बयान

दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में चीनी मांझे को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि चीनी मांझे के कारण किसी व्यक्ति की मौत होती है, तो इसे सामान्य हादसा नहीं, बल्कि हत्या का मामला माना जाएगा। इसी फैसले के बाद प्रदेशभर में प्रशासन और पुलिस द्वारा अभियान तेज किया गया है, दुकानों पर छापेमारी की जा रही है और विक्रेताओं को सख्त चेतावनी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री योगी का साफ संदेश—लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा है कि चीनी मांझे से होने वाली मौतें गंभीर अपराध हैं और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा। यदि कहीं भी ऐसी घटना होती है, तो संबंधित जिले की पुलिस और प्रशासन की जवाबदेही तय होगी और लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पूरे नेटवर्क को तोड़ने के निर्देश, हर स्तर पर जांच

मुख्यमंत्री ने चीनी मांझे के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और उपयोग से जुड़े पूरे नेटवर्क को खत्म करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत थोक विक्रेताओं, गोदामों, परिवहन माध्यमों और ऑनलाइन सप्लायर्स तक की सघन जांच की जा रही है। सरकार का लक्ष्य साफ है कि प्रदेश में कहीं भी चीनी मांझा न बिके और न ही इस्तेमाल हो।

मुद्दा बना सियासी और सामाजिक बहस का केंद्र

एक तरफ सरकार सख्ती के जरिए संदेश दे रही है, तो दूसरी ओर अखिलेश यादव का वीडियो यह सवाल खड़ा कर रहा है कि जमीनी स्तर पर प्रतिबंध कितना प्रभावी है। चीनी मांझा अब केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक बहस का भी बड़ा मुद्दा बन चुका है।