Up Kiran, Digital Desk: एक नई स्टडी से पता चला है कि जिन महिलाओं को मेनोपॉज जल्दी हो जाता है, उनके दिल की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है यही नहीं, दिल की कमजोरी और जल्दी मेनोपॉज, दोनों मिलकर दिमाग और सोचने-समझने की क्षमता को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं.
पहले भी कई स्टडीज में यह बात सामने आई है कि जल्दी मेनोपॉज होने से बाद की उम्र में याददाश्त कमजोर होने और अल्जाइमर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. लेकिन, अगर मेनोपॉज जल्दी हो और साथ में दिल भी कमजोर हो, तो इसका दिमाग पर कितना गहरा असर पड़ता है, इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी.
टोरंटो यूनिवर्सिटी की रिसर्चर टैविलन स्प्लिंटर का कहना है कि "हम अभी भी पूरी तरह से यह नहीं समझ पाए हैं कि मेनोपॉज, खासकर जब यह जल्दी होता है, तो दिमाग पर कैसे असर डालता है. दिल और दिमाग के बीच के इस रिश्ते को समझकर, हम इस जरूरी विषय पर और रोशनी डालना चाहते थे, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है."
यह स्टडी 'द मेनोपॉज सोसाइटी' की 2025 की सालाना मीटिंग में पेश की गई, जिसमें 500 से ज्यादा महिलाओं को शामिल किया गया था. इस स्टडी का मकसद यह जानना था कि क्या जल्दी मेनोपॉज होने का असर दिल और दिमाग के आपसी संबंध पर पड़ता है.
जब दिल कमजोर होता है, तो दिमाग को जरूरी ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते. खून का बहाव कम होने से दिमाग के टिशू को नुकसान पहुंच सकता है, ‘साइलेंट स्ट्रोक’ का खतरा बढ़ सकता है और याददाश्त कमजोर हो सकती है. इससे पता चलता है कि हमारा दिल और दिमाग एक-दूसरे से कितने जुड़े हुए हैं.
स्टडी के नतीजे बताते हैं कि जिन महिलाओं को मेनोपॉज जल्दी होता है, उनमें दिल की कमजोरी का असर दिमाग पर ज्यादा होता है, जिससे उनकी सोचने-समझने की शक्ति भी प्रभावित हो सकती है.आसान शब्दों में कहें तो, जल्दी मेनोपॉज और कमजोर दिल, दोनों मिलकर दिमाग के लिए एक "डबल अटैक" की तरह हो सकते हैं.
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