UP Kiran,Digital Desk: आज कैंसर ने वैश्विक स्तर पर मौत की दूसरी सबसे बड़ी वजह बनकर सबको चिंता में डाल रखा है। यह बीमारी शरीर की असामान्य कोशिकाओं की वृद्धि के कारण होती है, जो धीरे-धीरे शरीर के विभिन्न अंगों में फैल जाती हैं। हालांकि कैंसर के कारण कई तरह के हो सकते हैं, लेकिन जीवनशैली और खानपान की आदतों से इस बीमारी का जोखिम कहीं ज्यादा बढ़ जाता है। इस खबर में हम कैंसर से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण कारणों और बचाव के उपायों पर चर्चा करेंगे, ताकि हम इस गंभीर बीमारी से निपटने के लिए जागरूक हो सकें।
क्या है कैंसर और कैसे होता है?
कैंसर एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर की कोशिकाएं बिना नियंत्रण के बढ़ने लगती हैं। यह असामान्य कोशिकाएं शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकती हैं और स्वस्थ कोशिकाओं को नष्ट कर सकती हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी और भी गंभीर हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, हमारी रोजमर्रा की आदतें और कुछ आम गलतियां कैंसर का कारण बन सकती हैं।
कैंसर के मुख्य कारण
1. खानपान की गलत आदतें
आधुनिक जीवनशैली में प्रोसेस्ड फूड, तले-भुने और जंक फूड का सेवन बढ़ गया है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इनमें मिलने वाले कृत्रिम रसायन, ट्रांस फैट्स और अतिरिक्त नमक शरीर में सूजन और कोशिकाओं के नुकसान का कारण बन सकते हैं। लंबे समय तक ऐसी चीजें खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जो कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती है।
2. धूम्रपान और तंबाकू सेवन
धूम्रपान और तंबाकू के अन्य रूपों का सेवन कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक है। तंबाकू में मौजूद जहरीले रसायन मुंह, गले, फेफड़े और अन्य अंगों में असामान्य बदलाव कर सकते हैं। लंबे समय तक इनका सेवन कैंसर के खतरों को कई गुना बढ़ा देता है।
3. शराब का अत्यधिक सेवन
शराब का अत्यधिक सेवन लिवर कैंसर का कारण बन सकता है। शराब शरीर में जाकर ऐसे तत्वों में बदल जाती है, जो लिवर के लिए नुकसानदायक होते हैं। इसके अलावा यह मुंह, गले और ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम भी बढ़ा सकती है, क्योंकि यह शरीर की इम्यून सिस्टम को कमजोर करती है और कोशिकाओं के सामान्य कार्य को प्रभावित करती है।
4. विषाक्त रसायनों से संपर्क
किसी भी रूप में हानिकारक रसायनों का संपर्क लंबे समय तक शरीर के लिए घातक हो सकता है। कीटनाशक, पेंट, और औद्योगिक रसायन शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनसे होने वाले नुकसान से फेफड़ों, त्वचा और रक्त कैंसर का खतरा बढ़ता है।
5. शारीरिक गतिविधि की कमी
हमारी शारीरिक गतिविधियों की कमी और आलस्य कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं। जब हम शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं रहते, तो शरीर की मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे मोटापा और सूजन की समस्याएं उत्पन्न होती हैं। यह शरीर की इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है, जिससे कैंसर जैसी बीमारियों से मुकाबला करना मुश्किल हो जाता है।
6. मोटापा और वजन अधिक होना
मोटापा कैंसर के विभिन्न प्रकारों के जोखिम को बढ़ा सकता है, खासतौर पर ब्रेस्ट, कोलन और किडनी कैंसर। शरीर में अतिरिक्त चर्बी हार्मोनल असंतुलन पैदा करती है, जिससे कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि होती है और कैंसर का खतरा बढ़ता है।
7. लंबे समय तक तनाव और नींद की कमी
अत्यधिक तनाव और नींद की कमी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देती है। जब हम तनाव में रहते हैं, तो शरीर में हार्मोनल असंतुलन पैदा होता है, जो कोशिकाओं की मरम्मत की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। इस कारण कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
8. वायरल संक्रमण
कुछ वायरल संक्रमण जैसे HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) और हेपेटाइटिस वायरस शरीर में लंबे समय तक रहकर कैंसर का कारण बन सकते हैं। ये वायरस कोशिकाओं में असामान्य बदलाव कर सकते हैं और शरीर की इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकते हैं।
9. धूप में ज्यादा समय बिताना
धूप की पराबैंगनी किरणें (UV) त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जो स्किन कैंसर का कारण बन सकती हैं। खासतौर पर बिना सुरक्षा के धूप में ज्यादा समय बिताना त्वचा के लिए हानिकारक होता है।
कैंसर के शुरुआती लक्षण
कैंसर के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। इनमें शामिल हैं:
लगातार थकान का महसूस होना
शरीर में गांठ का बनना
त्वचा का रंग बदलना
मलत्याग या पेशाब की आदतों में बदलाव
अचानक नया तिल या मस्सा उभरना
आवाज में बदलाव
बिना कारण चोट लगना या खून आना
कैंसर से बचाव के उपाय
कैंसर से बचाव के लिए कुछ आसान लेकिन प्रभावी उपाय हैं:
संतुलित और पौष्टिक आहार लें
धूम्रपान और शराब से दूर रहें
रोजाना शारीरिक गतिविधि करें
तनाव कम करने के उपाय अपनाएं और पर्याप्त नींद लें
नियमित हेल्थ चेकअप कराएं




