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Up Kiran, Digital Desk: इंडियन प्रीमियर लीग 2025 में राजस्थान रॉयल्स (RR) की प्लेऑफ की उम्मीदें गुरुवार को सवाई मानसिंह स्टेडियम में पूरी तरह खत्म हो गईं। मुंबई इंडियंस (MI) ने उन्हें 100 रनों के विशाल अंतर से हराकर टूर्नामेंट की अपनी लगातार छठी और कुल सातवीं जीत दर्ज की। इस करारी हार के साथ राजस्थान की यह सीजन की आठवीं शिकस्त बनी और टीम अंक तालिका से बाहर हो गई।

मुंबई की संगठित बल्लेबाज़ी, योजनाबद्ध आक्रमण

पहले बल्लेबाज़ी करते हुए मुंबई इंडियंस ने अनुशासित और आक्रामक रणनीति अपनाई। रयान रिकेल्टन (61 रन, 38 गेंद) और रोहित शर्मा (53 रन, 36 गेंद) की ओपनिंग जोड़ी ने पावरप्ले में ही टीम को उड़ान दी और पहले विकेट के लिए 116 रनों की साझेदारी की। इसके बाद सूर्यकुमार यादव और कप्तान हार्दिक पांड्या ने पारी के अंतिम ओवरों में RR गेंदबाज़ों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

इन दोनों ने मात्र 23-23 गेंदों में 48-48 रन बनाकर नाबाद रहते हुए टीम को 217/2 तक पहुंचाया। सूर्यकुमार का अंतिम गेंद पर लगाया गया छक्का MI की आक्रामकता की पराकाष्ठा था।

राजस्थान का ढहता मध्यक्रम और बढ़ती चिंताएं

218 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान रॉयल्स की शुरुआत ही लड़खड़ा गई। पहले ओवर में वैभव सूर्यवंशी और दूसरे में यशस्वी जायसवाल आउट हो गए। नीतीश राणा और रियान पराग जैसे अहम बल्लेबाज़ भी दबाव नहीं झेल सके। पांच ओवर में स्कोर 45/4 हो गया।

जसप्रीत बुमराह ने एक ही ओवर में पराग और शिमरॉन हेटमायर के विकेट लेकर RR की कमर तोड़ दी। ध्रुव जुरेल और शुभम दुबे जैसे मध्यक्रम बल्लेबाज़ भी बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। नतीजतन, पूरी टीम 17.1 ओवर में सिर्फ 117 रन पर सिमट गई।

मैच के बाद कप्तान रियान पराग ने ईमानदारी से हार को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से मुंबई ने बल्लेबाजी की, उसके लिए आपको उन्हें श्रेय देना होगा। हमने कुछ सही, तो कुछ गलत किया। लेकिन हमें अब उन गलतियों से सीखना होगा।

गेंदबाज़ों की विस्फोटक वापसी

मुंबई के गेंदबाज़ों ने दूसरी पारी में कहर ढाया। ट्रेंट बोल्ट (3 विकेट), कर्ण शर्मा (3 विकेट), जसप्रीत बुमराह (2 विकेट) और हार्दिक पांड्या व दीपक चाहर (1-1 विकेट) ने सटीक लाइन-लेंथ और विविधता से राजस्थान के बल्लेबाज़ों को कोई मौका नहीं दिया।

राजस्थान की ओर से केवल महेश तीक्षणा और रियान पराग को एक-एक विकेट मिला। गेंदबाज़ी में न विविधता दिखी और न ही विकेट लेने की तीव्रता।