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Up kiran,Digital Desk : बिहार भाजपा के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के नेतृत्व में भाजपा की नई प्रदेश कमेटी का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सरावगी ने अपनी नई टीम के सदस्यों के नामों को अंतिम रूप देकर दिल्ली दरबार भेज दिया है। अब बस केंद्रीय आलाकमान की हरी झंडी का इंतजार है, जिसके बाद किसी भी वक्त नई कमेटी के नामों का औपचारिक ऐलान कर दिया जाएगा।

पुराना अनुभव और नया जोश: सरावगी का संतुलित दांव

राजनीतिक जानकारों की मानें तो इस बार की टीम पहले के मुकाबले काफी अलग और धारदार होने वाली है। संजय सरावगी ने अपनी लिस्ट में 'अनुभव' और 'युवा जोश' के बीच एक बारीक संतुलन बनाने की कोशिश की है। पार्टी का मानना है कि जहां एक ओर वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन संगठन को मजबूती देगा, वहीं दूसरी ओर युवाओं की सक्रियता आगामी चुनौतियों से निपटने में पार्टी को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। यह कवायद न केवल संगठन को विस्तार देने के लिए है, बल्कि भविष्य की नई पौध तैयार करने की रणनीति का भी हिस्सा है।

तीन दर्जन दिग्गजों को मिलेगी जगह, छोटे कद की होगी बड़ी कमेटी

सूत्रों के अनुसार, इस नई कमेटी में लगभग तीन दर्जन नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। इनमें प्रदेश उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, कोषाध्यक्ष और कार्यालय प्रभारी जैसे प्रमुख पद शामिल हैं। खास बात यह है कि इस बार पदाधिकारियों की कुल संख्या पिछली कमेटी के मुकाबले कम रखी जा सकती है ताकि काम में गतिशीलता बनी रहे। मूल कमेटी के ऐलान के तुरंत बाद या साथ में ही प्रवक्ताओं और मीडिया पैनलिस्टों के नामों की भी घोषणा होने की संभावना है।

सोशल इंजीनियरिंग और महिला आरक्षण पर विशेष फोकस

बीजेपी इस बार सामाजिक समीकरणों (Social Engineering) को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। कमेटी में पार्टी के कोर वोटर बेस के साथ-साथ अन्य सभी जातियों, वर्गों और धर्मों के प्रतिनिधियों को जगह दी जा रही है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है। महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष पर हमलावर भाजपा, संगठन में एक-तिहाई महिलाओं को शामिल कर एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने की तैयारी में है।

नितिन नवीन का पटना दौरा और मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट

इसी गहमागहमी के बीच, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद नितिन नवीन का 30 अप्रैल को पटना दौरा प्रस्तावित है। एनडीए सरकार के विश्वासमत हासिल करने के बाद यह उनका पहला बिहार दौरा होगा। माना जा रहा है कि उनके इस प्रवास के दौरान न केवल संगठन की नई लिस्ट पर अंतिम मुहर लगेगी, बल्कि बिहार मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी एनडीए के वरिष्ठ नेताओं के साथ उच्च स्तरीय चर्चा हो सकती है। उनके इस दौरे पर पूरे बिहार की राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।