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Up Kiran, Digital Desk: अब तक हम सोचते थे कि मिलावट सिर्फ़ महंगे या पैकेट वाले पदार्थों तक सीमित है, लेकिन अब आलू जैसे रोज़मर्रा के किचन हीरो भी इस खेल का हिस्सा बन चुके हैं। हाल ही में कुछ रिपोर्टों ने इस बात की ओर इशारा किया है कि बाज़ार में ऐसे आलू बिक रहे हैं जिन पर रासायनिक परत चढ़ाई गई है या जो पूरी तरह से नकली हैं। यह खबर हर उस व्यक्ति के लिए चिंता का विषय है जो अपने परिवार के लिए सुरक्षित भोजन चाहता है।

दिखने में ताज़ा, अंदर से ख़तरनाक

इन आलुओं को इस तरह तैयार किया जाता है कि वे देखने में एकदम ताज़ा लगें—चमकदार त्वचा, सही आकार और बिना किसी दाग के। लेकिन इनकी सच्चाई कुछ और ही होती है। इनमें इस्तेमाल होने वाले रसायन न सिर्फ़ पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं, बल्कि लंबे समय तक सेवन करने पर शरीर के अन्य अंगों को भी नुकसान पहुँचा सकते हैं।

घर बैठे कैसे करें जांच?

गंध पर ध्यान दें: असली आलू में मिट्टी जैसी हल्की प्राकृतिक खुशबू होती है। अगर किसी आलू से तेज़ रासायनिक गंध आ रही है, तो सतर्क हो जाइए।

रंग और बनावट की जांच: आलू को काटकर देखें। अगर अंदर का रंग असमान, धब्बेदार या असामान्य रूप से चमकीला है, तो वह संदिग्ध हो सकता है।

सतह को रगड़ें: अगर छिलका रगड़ने पर रंग उतरता है या हाथ पर परत चिपक जाती है, तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है।

पानी में डालकर देखें: असली आलू आमतौर पर पानी में डूब जाते हैं। अगर आलू तैरने लगे, तो वह हल्का या खोखला हो सकता है—जो कि रासायनिक उपचार का नतीजा हो सकता है।

छिलके की बनावट पर गौर करें: अगर छिलका असामान्य रूप से चिकना या मोटा है और आसानी से उतर जाता है, तो यह भी एक चेतावनी संकेत है।

अगर शक हो तो क्या करें?

ऐसे विक्रेताओं से खरीदारी करें जिनकी विश्वसनीयता पर आपको भरोसा हो। अगर कोई आलू देखने में ज़रूरत से ज़्यादा परफेक्ट लगे, तो उसे लेकर सवाल उठाना ज़रूरी है।

पकाने से पहले अच्छी तरह धोना और छीलना एक ज़रूरी कदम है। अगर संदेह हो, तो आलू को फेंक देना बेहतर है बजाय इसके कि आप अपने स्वास्थ्य को जोखिम में डालें।