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Up Kiran, Digital Desk: मुंबई के आगामी BMC चुनावों से पहले शिवसेना (UBT) के लिए एक और मुश्किल समय सामने आ गया है। पार्टी की प्रमुख उपनेत्री शीतल देवरुखकर-शेठ ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनकी यह कदम शिवसेना (UBT) के लिए गंभीर नुकसान के रूप में देखा जा रहा है, खासकर जब पार्टी अगले साल होने वाले चुनावों में बड़ी चुनौती का सामना करने वाली है।

BJP में शामिल होने की संभावना

सूत्रों के अनुसार, शीतल देवरुखकर-शेठ भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकती हैं। वे आदित्य ठाकरे के करीबी सहयोगी रहे हैं और पार्टी की कई अहम पहलुओं में उनका योगदान रहा है। उनकी राजनीतिक यात्रा के दौरान वे मुंबई विश्वविद्यालय के सीनेट चुनावों में भी सफलता हासिल कर चुकी हैं, और युवा सेना की सक्रिय सदस्य के रूप में भी पहचानी जाती हैं।

आंतरिक असंतोष का संकेत

यह इस्तीफा शिवसेना (UBT) के अंदर चल रहे असंतोष की ओर भी इशारा करता है। हाल ही में कई पार्टी पदाधिकारियों ने टिकट वितरण प्रक्रिया को लेकर अपनी नाराजगी जताई थी। खासकर वर्ली क्षेत्र, जो आदित्य ठाकरे का विधानसभा क्षेत्र है, में असंतोष बढ़ता दिख रहा है। कुछ नेताओं ने तो इस्तीफा देने की धमकी भी दी थी।

BMC चुनाव की अहमियत और भविष्य के सवाल

BMC चुनाव मुंबई की राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि पिछले 25 वर्षों से शिवसेना का दबदबा रहा है। लेकिन 2022 में पार्टी के विभाजन के बाद से शिंदे गुट और BJP का गठबंधन मजबूत हुआ है, जिससे शिवसेना (UBT) की स्थिति कमजोर हुई है। ऐसे में शीतल देवरुखकर-शेठ का इस्तीफा पार्टी के लिए एक और सिरदर्द बन सकता है।