Up Kiran, Digital Desk: इस बार झारखंड में सर्दी ने सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। सुबह से ही हड्डियां गला देने वाली ठंड और बर्फीली हवाओं ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल बना दी है। सड़कों पर सन्नाटा है और जो बाहर निकल रहे हैं वो मुंह लपेटे तेज कदमों से चल रहे हैं। चाय की टपरी और अलाव के इर्द गिर्द अब दिन भर भीड़ लगी रहती है।
जमशेदपुर में पारा 10 डिग्री से नीचे
स्टील सिटी जमशेदपुर में तो हालात और भी खराब हैं। यहां न्यूनतम तापमान पहली बार इस सीजन में 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। सुबह के समय धुंध इतनी घनी हो जाती है कि सामने का घर भी मुश्किल से दिखता है। लोग बताते हैं कि पिछले कई सालों में दिसंबर के शुरुआती दिनों में इतनी ठंड कभी नहीं पड़ी थी।
अगले हफ्ते भी राहत नहीं
मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि अभी ठंड से निजात मिलने की कोई गुंजाइश नहीं है। आने वाले सात दिनों तक रात का तापमान 10 से 11 डिग्री के बीच ही रहेगा जबकि दिन में भी पारा 26 से 27 डिग्री से ऊपर नहीं चढ़ेगा। उत्तरी पश्चिमी हवाएं लगातार चल रही हैं जो ठंड को और तीखा बना रही हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये हवाएं हिमालय क्षेत्र से आ रही हैं और इनकी रफ्तार में अभी कमी नहीं आएगी।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए अलर्ट
डॉक्टर और मौसम विशेषज्ञ बार बार चेतावनी दे रहे हैं कि इस ठंड में सबसे ज्यादा खतरा बच्चों और बुजुर्गों को है। सांस की बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। अस्पतालों में खांसी जुकाम और निमोनिया के मरीज बढ़ गए हैं।
विशेषज्ञों की सलाह है कि बच्चों को स्कूल भेजने से पहले कई परतों में गर्म कपड़े पहनाएं। बुजुर्ग सुबह शाम घर से बाहर न निकलें तो बेहतर। घर में रहते हुए भी गर्म पेय पदार्थ जैसे दूध अदरक वाली चाय या सूप लेते रहें। कमरे को बंद रखें और अगर हीटर इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसमें पानी जरूर रखें ताकि हवा सूखी न हो।




