Up kiran,Digital Desk : सुप्रीम कोर्ट ने केरल की ड्राफ्ट मतदाता सूची से नाम हटाए जाने पर गहरी चिंता जताई है और निर्वाचन आयोग (ECI) से इसका जवाब मांगने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने चुनाव आयोग से कहा है कि जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनकी सूची सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाए ताकि प्रभावित मतदाता अपनी आपत्तियां दर्ज कर सकें।
यह मामला स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) प्रक्रिया के बाद सामने आया है, जिसमें केरल के ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में करीब 24 लाख नामों को हटा दिया गया बताया गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि डाटा में तकनीकी गलतियाँ और शिकायत निवारण तंत्र की कमी के कारण बहुत से लोगों को वोटर सूची से अनजाने में हटा दिया गया है। इसलिए उन्हें पता नहीं चल पा रहा कि उनका नाम क्यों हटा, या वे कैसे आपत्ति दर्ज कर सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसका नेतृत्व मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत कर रहे हैं, ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि हटाए गए नामों की सूची को ग्राम पंचायत कार्यालयों या किसी सार्वजनिक स्थान पर चस्पा किया जाए और वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाए ताकि अधिक लोग इसे देख सकें। कोर्ट ने यह भी कहा कि आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तारीख बढ़ाने पर विचार किया जाना चाहिए, जिससे सामान्य लोग समय रहते अपनी बात सामने रख सकें।
याचिकाओं में यह भी उठाया गया है कि ड्राफ्ट सूची में कुछ मतदा
ताओं को गलत तरीके से मृत बताया गया या उन्हें राज्य से बाहर का दिखाया गया है, जिससे ग्रामीण इलाकों के लोगों को और भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ECI को इन मुद्दों पर जवाब देने को कहा है।

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