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Up Kiran, Digital Desk: स्वामी महेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर आगामी अर्द्धकुम्भ मेला के आयोजन के दौरान राज्य में फैले फर्जी बाबाओं और स्वघोषित शंकराचार्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनके अनुसार, इन फर्जी धार्मिक नेताओं के कारण सनातन धर्म की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है और समाज में भ्रम फैल रहा है।

धार्मिक स्थलों पर संकट और राज्य में फैलती अव्यवस्था

स्वामी महेश्वरानंद ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि हिन्दू तीर्थ स्थल, जो पहले से ही आतंकवादियों और विधर्मियों के निशाने पर रहते हैं, अब इन फर्जी शंकराचार्यों और धार्मिक नेताओं के कारण खतरे में आ गए हैं। उनका आरोप है कि ये लोग फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से अपना धार्मिक पद प्राप्त करते हैं, जिससे समाज में विश्वास की कमी और अव्यवस्था फैलती है। उत्तराखंड में भी इस प्रकार के फर्जी व्यक्तित्वों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिनका एकमात्र उद्देश्य पैसों की सूरत में लाभ कमाना है।

नकली धार्मिक नेताओं की बढ़ती ताकत

स्वामी महेश्वरानंद ने विशेष रूप से प्रयागराज के एक कथित स्वयंभू शंकराचार्य का उल्लेख किया, जो उच्चतम न्यायालय में लंबित मामलों के बावजूद खुद को शंकराचार्य के रूप में प्रस्तुत करते हैं। उनका मानना है कि ऐसे लोग न केवल सनातन धर्म की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करते हैं, बल्कि समाज में अशांति और विघटन पैदा करने की कोशिश भी करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे फर्जी धार्मिक नेता समाज में भ्रम फैलाकर अपने व्यक्तिगत स्वार्थ की पूर्ति करते हैं।