Up Kiran, Digital Desk: बिहार की राजनीति में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। विधानसभा चुनाव से पहले जहां राजनीतिक दल अपने समीकरण दुरुस्त करने में जुटे हैं, वहीं तेज प्रताप यादव ने अपनी अगल राह चुनते हुए पांच छोटे-छोटे दलों के साथ एक नये गठबंधन की घोषणा की है। इस गठबंधन का एजेंडा साफ है: सामाजिक न्याय, हाशिए पर पड़े वर्गों की भागीदारी और संपूर्ण बदलाव।
तेज प्रताप, जो अब तक राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से बाहर किए जाने के बाद स्वतंत्र राजनीतिक जमीन तलाशते दिख रहे थे, अब खुद को क्षेत्रीय नेतृत्व में स्थापित करने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं।
गठबंधन का चेहरा: कौन हैं ये पांच पार्टियां?
तेज प्रताप यादव के साथ गठबंधन करने वाली पार्टियों की सूची में ऐसे नाम हैं, जो अब तक मुख्यधारा की राजनीति में ज्यादा सुने नहीं गए। फिर भी, इनके अपने-अपने क्षेत्रों में कुछ खास पकड़ मानी जाती है।
विकास वंचित इंसान पार्टी (VVIP) – प्रदीप निषाद उर्फ 'हेलीकॉप्टर बाबा' की अगुआई वाली इस पार्टी की जड़ें मल्लाह समाज में हैं। बिहार में इस समुदाय का असर करीब 100 सीटों पर माना जाता है।
भोजपुरिया जन मोर्चा (BJM) – यह संगठन लंबे समय से भोजपुरांचल को अलग राज्य बनाने की मांग करता रहा है। इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष भरत सिंह हैं।
प्रगतिशील जनता पार्टी (PJP) – बेरोजगारी और शिक्षा को मुख्य मुद्दा बनाने वाली इस पार्टी का नेतृत्व मनोरंजन कुमार श्रीवास्तव कर रहे हैं। उन्होंने 2020 के विधानसभा चुनाव में भी किस्मत आजमाई थी।
वाजिब अधिकार पार्टी (WAP) – दरभंगा में पंजीकृत इस पार्टी ने 2020 में छह विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। पार्टी प्रमुख विद्यानंद राम लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं।
संयुक्त किसान विकास पार्टी (SKVP) – किसानों और ग्रामीण विकास के मुद्दों पर केंद्रित इस पार्टी ने पिछली बार नालंदा लोकसभा सीट से सुधीर कुमार को मैदान में उतारा था, जहां उन्हें तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा।
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