Up Kiran, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक भयावह हत्या की घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ स्थानीय लोगों को हैरान किया, बल्कि समाज में अंधविश्वास के प्रभाव और उसके खतरनाक परिणामों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यह मामला एक अमीर बनने के ख्वाब और तंत्र-मंत्र के अंधविश्वास के कारण एक जानलेवा अपराध में तब्दील हो गया। एक साधारण ऑटो रिक्शा चालक की मौत ने कई राज़ खोले हैं, जिनसे यह साफ हो जाता है कि कैसे एक गलत दिशा में बढ़ा हुआ विश्वास दोस्तों के रिश्तों को भी खतरनाक बना सकता है।
अंधविश्वास की चपेट में आया नंदू
मृतक की पहचान 35 वर्षीय नवीन उर्फ नंदू के रूप में हुई है। वह गाजियाबाद का रहने वाला था और पेशे से ऑटो रिक्शा चालक था। नंदू की जीवनशैली में एक अजीब बदलाव तब आया जब उसने तांत्रिक की सलाह पर विश्वास करना शुरू किया। वह दिल्ली में एक तांत्रिक के पास जाता था, जहां उसे यह विश्वास दिलाया गया कि यदि वह कुछ विशेष उपाय करेगा तो उसकी किस्मत बदल सकती है और वह जल्दी ही समृद्ध हो सकता है।
तांत्रिक ने क्या कहा था?
मंगलवार की शाम नंदू ने अपने तीन दोस्तों – पवन, सागर और नसीम – को तांत्रिक के पास बुलाया। वहां तांत्रिक ने नंदू से कहा कि अगर वह सच में अमीर बनना चाहता है तो उसे किसी करीबी व्यक्ति की बलि देनी होगी। यह सुनकर न सिर्फ नंदू के दोस्त हैरान हुए, बल्कि उनमें डर भी समा गया। नंदू ने पूछा कि क्या वह अपने किसी दोस्त को बलि के रूप में चढ़ा सकता है, और तांत्रिक ने हां कह दिया। यह बात तीनों दोस्तों के मन में डर का बीज बोने के लिए काफी थी।
शराब की महफिल में फूट पड़ा डर
शाम को जब सभी दोस्त सागर के घर शराब पी रहे थे, तो तांत्रिक की बातों पर चर्चा फिर से शुरू हुई। पवन, सागर और नसीम को यह महसूस हुआ कि नंदू सचमुच किसी की बलि लेने के लिए तैयार हो सकता है। शराब के नशे में इन दोस्तों के मन में डर और खौफ ने घर कर लिया। उन्हें यह ख्याल आया कि शायद अगला नंबर उनका हो सकता है। इस डर ने उन्हें एक खौ़नाक कदम उठाने के लिए उकसाया और उन्होंने मिलकर नंदू पर हमला कर दिया।
हत्या और साक्ष्य मिटाने की कोशिश
नंदू पर हमला करने के बाद आरोपियों ने शव को छुपाने के लिए एक और नृशंस कदम उठाया। उन्होंने नंदू की लाश को कंबल में लपेटा और उसे उसके ऑटो रिक्शा में रखकर एक सुनसान इलाके में ले गए। वहां उन्होंने पेट्रोल डालकर शव और ऑटो को जला दिया, ताकि कोई सबूत न बच सके। लेकिन, जली हुई लाश मिलने के बाद पुलिस ने जल्द ही जांच शुरू कर दी।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
पुलिस ने तकनीकी निगरानी और स्थानीय सूचना के आधार पर मामले की तहकीकात की। जांच के दौरान यह पता चला कि नंदू आखिरी बार अपने तीन दोस्तों के साथ देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने सागर और पवन को गिरफ्तार कर लिया, जबकि नसीम की तलाश जारी है।
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