img

Up kiran,Digital Desk : राजस्थान के थार रेगिस्तान की धरती एक बार फिर भारत और ब्रिटेन के सैनिकों की दोस्ती और साझा ताकत की गवाह बनी है। यहां दोनों देशों के बीच होने वाला मशहूर सैन्य अभ्यास 'अजेय वॉरियर' का आठवां दौरा सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। लगभग दो हफ्तों तक चले इस अभ्यास का एक ही मकसद था - आतंकवाद जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करना और आपसी तालमेल को और भी मजबूत बनाना।

इस बार क्या था खास?

इस बार की ट्रेनिंग का खास फोकस संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन की तरह मुश्किल परिस्थितियों में काम करने का अभ्यास करना था। इसके लिए शहरी और कस्बाई इलाकों में छुपे दुश्मनों से कैसे निपटा जाए, इसकी पूरी तैयारी की गई। अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिकों ने एक-दूसरे से बहुत कुछ सीखा, जैसे:

  • विस्फोटकों (IEDs) से कैसे बचा जाए।
  • छोटे ड्रोन का इस्तेमाल कैसे करें।
  • शहरों में लड़ाई की बेहतरीन रणनीतियाँ क्या हैं।
  • आधुनिक हथियारों का मिलकर कैसे इस्तेमाल करें।

मैदान पर पसीना, मैदान के बाहर दोस्ती

यह अभ्यास सिर्फ ट्रेनिंग तक ही सीमित नहीं रहा। आखिर में, दोनों सेनाओं ने मिलकर असली जंग जैसे माहौल में एक फाइनल ऑपरेशन को भी अंजाम दिया। लेकिन फौजी ज़िंदगी सिर्फ रणनीति और हथियारों तक ही सीमित नहीं होती। जब अभ्यास खत्म हो जाता, तो दोनों देशों के जवान साथ में खेलकूद में हिस्सा लेते और एक-दूसरे की संस्कृति को जानते-समझते। ऐसे ही कार्यक्रमों से आपसी समझ और दोस्ती और भी गहरी होती है।

अगली मुलाकात 2027 में ब्रिटेन में होगी

इस मौके पर ब्रिटिश हाई कमिश्नर लिंडी कैमरन ने कहा कि रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में भारत और ब्रिटेन का सहयोग दोनों देशों के मजबूत रिश्तों की एक अहम कड़ी है और 'अजेय वॉरियर' इसी दोस्ती को और पक्का करता है। साथ ही, यह भी ऐलान किया गया कि 'अजेय वॉरियर' का अगला यानी नौवां दौर 2027 में ब्रिटेन की धरती पर आयोजित किया जाएगा।