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नेता सदन, विधान परिषद् श्री केशव प्रसाद मौर्य जी की अध्यक्षता में आज जनप्रतिनिधियों की सहभागिता को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विधायक निधि योजना दिशानिर्देश समिति की बैठक आहूत की गयी। इस समिति का उद्देश्य क्षेत्रीय विकास निधि (विधायक निधि) से संबंधित कार्यों के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक समस्याओं का समाधान, प्रक्रियाओं का सरलीकरण तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं गति सुनिश्चित करना है।

बैठक में नेता सदन श्री केशव प्रसाद मौर्य जी द्वारा दिए गए निर्देश निम्नलिखित हैं:-

प्रस्तावों का परीक्षण: समिति द्वारा दिए गए सभी प्रस्तावों का तत्काल गहन परीक्षण किया जाए और उन पर नियम संगत कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

त्वरित निस्तारण: लंबित प्रकरणों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए उनका अतिशीघ्र निस्तारण किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।

शून्य त्रुटि (Zero Error): कार्यवाहियों और प्रस्तावों के निस्तारण में विशेष ध्यान रखा जाए कि किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो। शुद्धता और पारदर्शिता सरकार की प्राथमिकता है।

शासनादेश जारी करना: शासन स्तर पर जितने भी विषय लंबित हैं, उन पर तत्काल प्रभावी शासनादेश (G.O.) जारी किए जाएं।

कैबिनेट स्तर के मामले: जो विषय कैबिनेट स्तर के हैं, उन पर पूरी तैयारी के साथ नियमानुसार प्रक्रिया पूर्ण कर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

श्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि सरकार सदन के प्रति जवाबदेह है, अतः समितियों की अनुशंसाओं पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्यवाही करना अधिकारियों का दायित्व है।

श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने कहा कि प्रदेश सरकार जनप्रतिनिधियों को विकास प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार मानती है। विधायक निधि के माध्यम से सड़क, नाली, सामुदायिक भवन, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य जनोपयोगी कार्य सीधे जनता तक पहुंचते हैं। अतः इसकी कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी तथा परिणाममुखी बनाना सरकार की प्राथमिकता है।