Up kiran,Digital Desk : आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बदलती लाइफस्टाइल के बीच महिलाएं अपनी सेहत को अक्सर नजरअंदाज कर देती हैं। इन्ही में से एक गंभीर समस्या है UTI (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन)। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह संक्रमण तेजी से फैल रहा है। हाइजीन की कमी और शुरुआती संकेतों को 'मामूली परेशानी' या 'पानी की कमी' समझना आगे चलकर किडनी फेलियर जैसी बड़ी मुसीबत का सबब बन सकता है। अमर उजाला की इस विशेष रिपोर्ट में जानें आखिर क्यों महिलाएं इसकी आसान शिकार बन रही हैं और वे कौन से लक्षण हैं जो खतरे की घंटी हैं।
क्या है UTI और क्यों महिलाओं को है अधिक खतरा?
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी यूटीआई, पेशाब मार्ग में होने वाला एक जीवाणु संक्रमण है। विशेषज्ञों के मुताबिक, महिलाओं का मूत्रमार्ग (Urethra) पुरुषों की तुलना में छोटा होता है, जिससे E. coli जैसे खतरनाक बैक्टीरिया बहुत आसानी से ब्लैडर तक पहुंच जाते हैं। सही समय पर इलाज न मिलने पर यह संक्रमण ब्लैडर से होता हुआ किडनी तक जा सकता है।
तीन चरणों में वार करता है संक्रमण: जानें इसके प्रकार
यूटीआई मुख्य रूप से तीन अंगों को प्रभावित करता है, जिसे गंभीरता के आधार पर तीन हिस्सों में बांटा जा सकता है:
यूरेथ्राइटिस (Urethritis): जब संक्रमण सिर्फ मूत्रमार्ग तक सीमित हो, इसमें पेशाब के समय तेज जलन होती है।
सिस्टाइटिस (Cystitis): यह सबसे आम है, जिसमें बैक्टीरिया ब्लैडर तक पहुंच जाते हैं। इसमें पेट के निचले हिस्से में भारी दर्द रहता है।
पायलोनेफ्राइटिस (Pyelonephritis): यह सबसे गंभीर स्थिति है जब इंफेक्शन किडनी तक पहुंच जाता है। इसमें तेज बुखार और पीठ में असहनीय दर्द होता है।
इन 6 शुरुआती लक्षणों को पहचानना है बेहद जरूरी
अगर आपको नीचे दिए गए संकेतों में से कोई भी महसूस हो रहा है, तो सतर्क हो जाएं:
जलन और चुभन: पेशाब करते समय कांच की तरह चुभन या तेज जलन महसूस होना।
बार-बार पेशाब आना: बार-बार टॉयलेट जाने की इच्छा होना, लेकिन यूरिन का कम मात्रा में आना।
पेशाब में बदबू: यूरिन से बहुत तेज दुर्गंध आना या उसका रंग धुंधला (Cloudy) दिखना।
रात की बेचैनी: रात के समय बार-बार पेशाब के लिए उठना पड़ना।
पेशाब में खून: संक्रमण गंभीर होने पर यूरिन के साथ गुलाबी या लाल रंग के खून के अंश दिखना।
पीठ और कमर दर्द: संक्रमण का किडनी की ओर बढ़ना, जिसके साथ तेज बुखार और कंपकंपी हो सकती है।
बचाव के अचूक उपाय: हाइजीन ही है सबसे बड़ी सुरक्षा
UTI से बचने के लिए दवाइयों से ज्यादा आपकी आदतें मायने रखती हैं। पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल करते समय बेहद सावधानी बरतें और फ्लश या स्प्रे का उपयोग जरूर करें। दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं ताकि बैक्टीरिया यूरिन के रास्ते बाहर निकल सकें। कभी भी पेशाब को लंबे समय तक न रोकें, क्योंकि रुका हुआ यूरिन बैक्टीरिया के पनपने की सबसे बड़ी जगह है। साथ ही, सूती (Cotton) अंडरवियर का चुनाव करें और पर्सनल हाइजीन का सख्त पालन करें।
डॉक्टर से सलाह कब है अनिवार्य?
अक्सर महिलाएं घरेलू नुस्खों के चक्कर में समय गंवा देती हैं। अगर आपको पेशाब में जलन के साथ तेज बुखार, उल्टी जैसा महसूस होना या पीठ के निचले हिस्से में दर्द हो रहा है, तो यह संकेत है कि इंफेक्शन किडनी तक पहुंच चुका है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और यूरिन टेस्ट करवाएं। सही समय पर एंटीबायोटिक्स का कोर्स इस बीमारी को जड़ से खत्म कर सकता है।




