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UP Kiran,Digital Desk: बिहार के सरकारी स्कूलों में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाया गया है। राज्य सरकार ने शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति की निगरानी के लिए पूरी तरह से डिजिटल प्रणाली को लागू करने का निर्णय लिया है। पटना शहर में इसकी शुरुआत हुई है, जहां अब स्कूलों में छात्रों और शिक्षकों की उपस्थिति डिजिटल माध्यम से दर्ज की जाएगी। इस पहल के तहत "बिहार अटेंडेंस एप" का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे समय पर उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरुआत
शिक्षा महकमे ने इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया है। इस परियोजना के तहत पटना जिले के कुछ चुनिंदा सरकारी स्कूलों में प्रत्येक स्कूल को दो टैबलेट प्रदान किए गए हैं। विभाग का मानना है कि इस डिजिटल प्रणाली से स्कूलों में बेहतर अनुशासन बनेगा और विद्यार्थियों की शिक्षा पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी। यदि यह प्रयोग सफल होता है, तो इसे राज्य के अन्य जिलों में भी लागू करने की योजना है।

कड़ी कार्रवाई का समय आ गया
नवीनतम निर्देशों के अनुसार, 10 फरवरी से उन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जो ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी को इस पूरे प्रबंधन की निगरानी सौंपी गई है। साथ ही, स्कूल प्रमुखों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें शिक्षक और छात्रों की उपस्थिति सही समय पर और पूरी तरह से डिजिटल रूप से दर्ज करनी होगी, अन्यथा उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।

3400 स्कूलों में डिजिटल प्रणाली की शुरुआत
पटना जिले के लगभग 3400 सरकारी स्कूलों में टैबलेट वितरण किया गया है। जिले के सभी 14 प्रखंडों में अब यह टैबलेट्स छात्रों की उपस्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति और स्कूल की अन्य गतिविधियों की निगरानी करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग इन डिवाइसों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से निगरानी रखे हुए है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर स्कूल इस व्यवस्था को सही तरीके से लागू कर रहा है।