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Up kiran,Digital Desk : उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) अपनी कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और आधुनिक बनाने जा रहा है। बुधवार (1 अप्रैल 2026) को लोक भवन में आयोजित यूपीसीडा की 50वीं बोर्ड बैठक में कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट और ड्रोन निगरानी जैसे प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

गुणवत्ता से समझौता नहीं: थर्ड पार्टी ऑडिट को मंजूरी

बोर्ड ने निर्णय लिया है कि अब औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाले सभी विकास कार्यों (सड़क, नाली, बिजली) का थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाएगा।

उद्देश्य: निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार को रोकना और विश्वस्तरीय गुणवत्ता सुनिश्चित करना।

निगरानी: सिविल, विद्युत और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे जमीनी हकीकत की सटीक रिपोर्ट मुख्यालय तक पहुँचेगी।

लैंड बैंक और कनेक्टिविटी पर जोर

प्रदेश में निवेशकों को लुभाने के लिए भूमि की उपलब्धता बढ़ाना यूपीसीडा की प्राथमिकता है:

सहारनपुर और बदायूं: इन दोनों जिलों में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) की प्रक्रिया तेज की जाएगी ताकि बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके।

नए मानचित्र स्वीकृत: मऊ आइमा (प्रयागराज), बहादुरगंज, सलेमपुर और बाराबंकी के औद्योगिक क्षेत्रों के ले-आउट प्लान (मानचित्र) को बोर्ड ने हरी झंडी दे दी है।

संशोधन के निर्देश: बलिया, हाथरस, फतेहपुर और चित्रकूट के औद्योगिक क्षेत्रों के प्रस्तावों में स्थानीय जरूरतों के हिसाब से बदलाव करने को कहा गया है।

निवेशकों के लिए आसान हुई राह: ई-नीलामी और कैंप

औद्योगिक भूखंडों के आवंटन को पारदर्शी बनाने के लिए बोर्ड ने एक नया फॉर्मूला तय किया है:

ई-नीलामी (E-Auction): किसी भी औद्योगिक क्षेत्र में 75% भूखंडों के आवंटन के बाद, शेष 25% भूखंड ई-नीलामी के माध्यम से ही दिए जाएंगे।

समानांतर आवंटन: विकास कार्य पूरे होने का इंतजार नहीं किया जाएगा; निर्माण कार्य और भूखंड आवंटन की प्रक्रिया साथ-साथ चलेगी।

समस्या निवारण: निवेशकों की शिकायतों के निस्तारण के लिए अगले एक माह के भीतर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे।

लक्ष्य: विश्वस्तरीय इंडस्ट्रियल ईकोसिस्टम

अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने स्पष्ट किया कि यूपीसीडा का लक्ष्य केवल जमीन बेचना नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश में एक ऐसा इंडस्ट्रियल ईकोसिस्टम तैयार करना है जो वैश्विक मानकों पर खरा उतरे। इसके लिए भूमि आवंटन नीति में जरूरी संशोधन के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।