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Up Kiran,Digital Desk: भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए बजट में आम नागरिकों के जीवन को सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया यह बजट खास तौर पर स्वास्थ्य, दैनिक उपयोग की वस्तुएं और उपभोक्ता वस्तुओं के दामों पर केंद्रित है।

स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता: राहत के नए उपाय

स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी पहल के तहत गंभीर बीमारियों से जुड़े दवाओं की कीमतों में कटौती की घोषणा की गई है। विशेष रूप से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए 17 दवाइयों की कीमतें अब और कम हो जाएंगी। इसके अलावा, अन्य गंभीर बीमारियों से संबंधित सात दवाइयों की कीमतों में भी कमी की जाएगी। यह कदम लाखों मरीजों को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ उन्हें बेहतर इलाज के अवसर भी प्रदान करेगा।

रोजमर्रा की वस्तुओं पर टैक्स में राहत

संसद में पेश किए गए बजट में उपभोक्ताओं के लिए एक और सकारात्मक पहल की गई है। रोजमर्रा के सामान जैसे जूते और बैटरियों के दामों में कमी की घोषणा की गई है। इसके साथ ही विदेशों से आने वाले सामान पर भी टैक्स में राहत दी गई है, जिससे आम आदमी को यह सामान सस्ते दामों में मिलेगा। यह कदम विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं के लिए अहम है जो विदेशी उत्पादों का उपयोग करते हैं।

उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम

सरकार ने घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बैटरियों के निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल पर सीमा शुल्क में छूट देने का फैसला किया है। इससे न केवल बैटरियों की कीमतें कम होंगी, बल्कि घरेलू उत्पादन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इससे भारतीय उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी और उत्पादन की लागत में भी कमी आएगी, जो अंततः उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित होगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर ध्यान

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सरकार ने तेंदू पत्तियों पर टैक्स कलेक्शन (TCS) घटाकर 2% करने का ऐलान किया है। यह कदम तेंदू पत्तियां संग्रह करने वाले किसानों और श्रमिकों के लिए एक बड़ी राहत होगी। इस निर्णय से न केवल उनकी आय में सुधार होगा, बल्कि इससे ग्रामीण विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।