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Up kiran,Digital Desk : सर्दियों का मौसम आते ही घरों में गेहूं की जगह बाजरा और ज्वार की रोटियों की खुशबू आने लगती है। आखिर ये सेहत के लिए इतने फायदेमंद जो हैं! ये दोनों ही अनाज ग्लूटेन-फ्री होते हैं और शरीर को अंदर से गर्म रखते हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाजरे या ज्वार के आटे को इस्तेमाल करने से पहले अगर एक छोटा-सा काम कर लिया जाए, तो उसका फायदा और स्वाद, दोनों दोगुना हो जाता है? मशहूर शेफ रणवीर बरार ने एक बहुत ही आसान तरीका बताया है, जिसे कई घरों में दादी-नानी आज भी अपनाती हैं। चलिए जानते हैं क्या है वो सीक्रेट।

अब आटा जल्दी खराब नहीं होगा

शेफ रणवीर बताते हैं कि जब भी आप बाज़ार से बाजरे या ज्वार का आटा लाएं, तो उसे इस्तेमाल करने से पहले एक पैन में डालकर धीमी आंच पर हल्का-सा भून (ड्राई रोस्ट) लें। ऐसा करने से आटे में मौजूद सारी नमी निकल जाती है। नमी ही तो आटे की सबसे बड़ी दुश्मन है, जो उसे जल्दी खराब कर देती है। इस तरह भूनकर रखने से आपका आटा महीनों तक फ्रेश बना रहेगा।

स्वाद और रोटी, दोनों बनेंगे बेहतर

क्या आपकी बाजरे की रोटी बनाते समय टूट जाती है? अगर हाँ, तो ये ट्रिक आपके बहुत काम आएगी। आटे को हल्का-सा भूनने से उसका कच्चापन निकल जाता है और उसकी तासीर भी थोड़ी हल्की हो जाती है। जब आप इस आटे को गूंथते हैं, तो यह अच्छी तरह से बंधता है और टूटता नहीं है। इससे बनी रोटियां, पराठे या चीले न सिर्फ स्वाद में बेहतर होते हैं, बल्कि पकने के बाद भी नरम और मुलायम बने रहते हैं।

पेट के लिए भी है अच्छा

कई लोगों को बाजरा या ज्वार पचाने में थोड़ी मुश्किल होती है और इसे खाने के बाद पेट में भारीपन या गैस की शिकायत होने लगती है। हल्का-सा भून लेने से यह आटा पेट के लिए भी आसान हो जाता है। भुना हुआ आटा शरीर में आसानी से पच जाता है, जिससे आपको ऐसी कोई परेशानी नहीं होती।

भूनते समय ये गलती बिल्कुल न करें

  • आटे को हमेशा धीमी आंच पर ही भूनें, वरना यह जल सकता है।
  • ध्यान रहे कि इसका रंग बिल्कुल नहीं बदलना चाहिए, हमें इसे सिर्फ हल्का-सा गर्म करना है।
  • बहुत ज़्यादा गर्म करने से इसके पोषक तत्व खत्म हो सकते हैं, इसलिए बस दो-तीन मिनट भूनना ही काफी है।

तो अगली बार जब भी आप बाजरे या ज्वार का आटा खरीदें, तो इस छोटी-सी टिप को ज़रूर आजमाएं!