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Up Kiran, Digital Desk: भारतीय क्रिकेट में हाल की घटनाओं ने प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच गर्मागर्म चर्चा छेड़ दी है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 0-2 की हार के बाद कई प्रमुख हस्तियां बीसीसीआई से लाल और सफेद गेंद के लिए अलग-अलग कोच रखने की सलाह दे रही हैं। एक आईपीएल फ्रेंचाइजी के मालिक समेत क्रिकेट जगत के प्रभावशाली चेहरे इस विचार को आगे बढ़ा रहे हैं। इससे टीम इंडिया के भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं और प्रशंसक सोच रहे हैं कि क्या यह बदलाव जरूरी है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा

वनडे सीरीज में इंग्लैंड पर 2-1 की जीत के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी। उन्होंने इन सुझावों को चौंकाने वाला बताया और कहा कि क्रिकेट से दूर लोग ऐसी राय न दें। गंभीर ने जोर दिया कि हर किसी को अपनी सीमा में रहना चाहिए। उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के मालिक पार्थ जिंदल का जिक्र किया जिन्होंने सोशल मीडिया पर स्प्लिट कोचिंग का समर्थन किया था। कोच ने स्पष्ट किया कि बाहरी हस्तक्षेप से टीम का ध्यान भटक सकता है।

कप्तान की अनुपस्थिति पर फोकस

गंभीर ने मीडिया को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि टेस्ट सीरीज की हार पर चर्चा में महत्वपूर्ण तथ्य छूट गए। पहला मैच कोलकाता में कप्तान शुभमन गिल के बिना खेला गया जिनकी गर्दन में चोट थी। इससे बल्लेबाजी प्रभावित हुई। कोच ने बताया कि संक्रमण काल में टीम को ऐसे झटके लगते हैं लेकिन मीडिया को सच्चाई दिखानी चाहिए। इससे भारतीय क्रिकेट के प्रशंसकों में सिस्टम पर विश्वास बना रहता है।