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Up Kiran, Digital Desk: देश भर में मानसून पूरी रफ्तार से सक्रिय है, लेकिन इस बार उसकी गरज के साथ आई भारी बारिश ने कई इलाकों को भारी तबाही की चपेट में ले लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने स्पष्ट किया है कि मानसून सिस्टम स्थिर है और भारी बारिश के कारण कई पहाड़ी क्षेत्रों समेत अन्य हिस्सों में जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ है।
दिल्ली-एनसीआर में नमी से भरपूर मौसम, भारी बारिश का सिलसिला जारी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। आज भी मौसम विभाग ने आसमान में घने बादलों के छाए रहने और सुबह हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का पूर्वानुमान है।
आईएमडी के आंकड़े बताते हैं कि इस अगस्त महीने में अब तक दिल्ली में लगभग 399.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो पिछले 15 वर्षों में सबसे अधिक है और 2010 के बाद का सबसे बरसात भरा अगस्त माना जा रहा है। इस भारी बारिश के कारण यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे यमुना बाजार क्षेत्र के कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
पंजाब में उफनती नदियों ने मचाई आफत
पंजाब राज्य में भी नदियाँ उफान पर हैं और भारी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हुई तेज बारिश के कारण सतलुज, व्यास, और रावी समेत कई नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। इससे प्रभावित इलाकों से अब तक 7,600 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), भारतीय सेना और स्थानीय स्वयं सहायता समूह बचाव कार्यों में जुटे हैं। पंजाब पुलिस ने राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहांffected परिवारों को भोजन, दवाइयां और अन्य जरूरतों की आपूर्ति की जा रही है। राजनीतिक दलों के कई नेता भी प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति की गंभीरता का आकलन कर रहे हैं।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र पठानकोट, गुरदासपुर, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर के गांव हैं, जहां बाढ़ ने जीवन-यापन पर गहरा असर डाला है।
उत्तराखंड में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी
उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून, उत्तरकाशी और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट और टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, पौड़ी जिलों में येलो अलर्ट लागू है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी तेज बारिश होने की संभावना बनी हुई है, जो कि भूस्खलन जैसी आपदाओं का खतरा बढ़ा सकती है।
राजस्थान में भी बारिश का असर जारी
राजस्थान में पिछले एक सप्ताह से निरंतर बारिश देखी जा रही है। बांसवाड़ा जिले के सज्जनगढ़ में सबसे अधिक 136 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी सप्ताह में पूर्वी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि दक्षिणी भागों में कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश का खतरा रहेगा।
मानसून की मार: तैयार रहें, सतर्क रहें
इस बार के मानसून ने देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचा दी है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और नदियों के किनारे बसी बस्तियों में बाढ़ के खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और जनता दोनों को सतर्क रहना जरूरी है। राहत एवं बचाव कार्य तेज गति से जारी हैं, लेकिन गंभीर मौसम हालात को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
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