Up Kiran, Digital Desk: अक्सर लोग गले में दर्द, आवाज बैठना या निगलने में दिक्कत को मौसम या संक्रमण से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही कई बार बड़ी बीमारी की वजह बन जाती है। कैंसर विशेषज्ञों का मानना है कि अगर गले से जुड़ी शिकायतें तीन हफ्ते से ज्यादा समय तक बनी रहें, तो इसे सामान्य समस्या मानकर टालना खतरनाक हो सकता है। यह गले के कैंसर की शुरुआती चेतावनी भी हो सकती है।
क्यों देर से सामने आते हैं गले के कैंसर के लक्षण
गले का कैंसर अचानक नहीं उभरता। इसके संकेत धीरे-धीरे दिखाई देते हैं। चूंकि ये लक्षण आम बीमारियों जैसे लगते हैं, इसलिए लोग समय पर डॉक्टर तक नहीं पहुंच पाते। यही वजह है कि कई मरीज तब जांच कराते हैं जब बीमारी आगे बढ़ चुकी होती है।
आवाज में बदलाव जो नजरअंदाज नहीं करना चाहिए
अगर बिना किसी सर्दी या संक्रमण के आवाज भारी हो जाए, बैठी रहे या बोलने में दिक्कत होने लगे और यह परेशानी कई हफ्तों तक ठीक न हो, तो यह खतरे की घंटी हो सकती है। सामान्य बीमारी में आवाज कुछ दिनों में लौट आती है, लेकिन गंभीर स्थिति में यह बदलाव लगातार बना रहता है।
निगलने में दर्द या रुकावट का एहसास
खाना खाते समय दर्द होना या ऐसा लगना कि भोजन गले में फंस रहा है, एक अहम संकेत हो सकता है। कुछ लोगों को पानी पीने में भी परेशानी महसूस होती है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे, तो जांच कराना जरूरी हो जाता है।
गले से जुड़ा दर्द और कान तक असर
कई मामलों में समस्या सिर्फ गले तक सीमित नहीं रहती। बिना किसी कान की बीमारी के लगातार कान में दर्द होना भी गले के कैंसर से जुड़ा हो सकता है। ऐसे दर्द को हल्के में लेना ठीक नहीं।
बार-बार गला खराब होना भी है चेतावनी
अगर गला बार-बार खराब हो रहा है और दवाओं के बावजूद पूरी तरह ठीक नहीं हो रहा, तो यह सामान्य संक्रमण नहीं भी हो सकता। लंबे समय तक बनी रहने वाली परेशानी की जांच जरूरी है।
गर्दन या गले में गांठ का दिखना
कुछ मरीजों को गर्दन या गले के आसपास गांठ महसूस होती है। यह गांठ अक्सर दर्द नहीं करती, इसलिए लोग इसे गंभीर नहीं समझते। लेकिन अगर यह सूजन लंबे समय तक बनी रहे या धीरे-धीरे बढ़े, तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।
बिना कोशिश वजन कम होना
अगर अचानक वजन घटने लगे और इसके पीछे कोई स्पष्ट कारण न हो, तो यह शरीर में चल रही किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। गले की बीमारी में निगलने की दिक्कत के कारण पोषण की कमी हो जाती है, जिससे वजन तेजी से गिर सकता है।
लगातार खांसी और खून आना
लंबे समय तक खांसी रहना या खांसी के साथ खून आना गंभीर लक्षण माने जाते हैं। ऐसी स्थिति में देरी करना खतरनाक साबित हो सकता है।
सांस लेने में परेशानी और अटका हुआ महसूस होना
जब गले में ट्यूमर बढ़ने लगता है, तो सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। कई लोगों को हर वक्त ऐसा लगता है जैसे गले में कुछ फंसा हुआ है, जो न निगलने से जाता है और न खांसने से।
किन लोगों को रहना चाहिए ज्यादा सतर्क
तंबाकू का सेवन करने वाले, धूम्रपान करने वाले और अधिक शराब पीने वालों में गले के कैंसर का खतरा ज्यादा होता है। इसके अलावा HPV और एप्सटीन बार वायरस जैसे संक्रमण भी जोखिम बढ़ाते हैं।
खानपान और काम का माहौल भी निभाता है भूमिका
पोषण की कमी वाली डाइट, एसिडिटी, GERD और पेट की पुरानी समस्याएं भी खतरे को बढ़ा सकती हैं। जो लोग केमिकल या जहरीले पदार्थों के संपर्क में काम करते हैं, उन्हें भी सावधानी बरतनी चाहिए।


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