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Up Kiran,Digital Desk: आजकल के व्यस्त और तनावपूर्ण जीवन में नींद की कमी एक आम समस्या बन गई है। कई लोग काम या अन्य कारणों से नींद में कटौती करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इससे न केवल आपकी सेहत पर असर पड़ता है, बल्कि आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव हो सकता है?

सेहत को लेकर विशेषज्ञों की चेतावनी

नींद न केवल शरीर के लिए जरूरी है, बल्कि यह मस्तिष्क के लिए भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कम नींद लेने से वजन बढ़ने, मोटापे का सामना करने, और यहां तक कि हृदय रोग, डायबिटीज़ और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। हालांकि, सही नींद की आदतों को अपनाकर इन समस्याओं से बचा जा सकता है।

नींद का सही समय क्यों है जरूरी?

सोने का समय आपके शरीर की आंतरिक घड़ी से जुड़ा हुआ होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, रात को 10 से 11 बजे तक सो जाना आदर्श माना जाता है। इस समय के दौरान शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जिससे गहरी और सुकून भरी नींद आती है। इसे ध्यान में रखते हुए, हमें अपनी दिनचर्या में इस समय को शामिल करना चाहिए।

कब और कितनी नींद है सही?

स्वस्थ जीवन के लिए रात में 7 से 9 घंटे की नींद लेना आवश्यक है। यह समय आपकी शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। हालांकि, इससे कम नींद से थकावट और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है, जबकि अधिक सोने से शरीर में आलस्य और दूसरी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

बच्चों के लिए नींद की अहमियत

बच्चों के लिए नींद की आवश्यकता और भी ज्यादा होती है। छोटे बच्चों को दिनभर की सक्रियता के बाद 10 से 12 घंटे की नींद की जरूरत होती है ताकि वे अच्छे से विकसित हो सकें और उनकी वृद्धि में कोई रुकावट न आए। बच्चों का शरीर और मस्तिष्क दिनभर की गतिविधियों से थककर रात को विश्राम की मांग करते हैं।