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Up kiran,Digital Desk : ज़मीन का एक छोटा सा टुकड़ा और रास्ते का एक मामूली सा विवाद किसी की जान कैसे ले सकता है, इसकी एक दिल दहला देने वाली कहानी बिहार के पूर्णिया से सामने आई है। यहाँ सिर्फ इसलिए एक 60 साल के बुज़ुर्ग को उनके घर के दरवाज़े पर ही कुदाल से काटकर मार डाला गया, क्योंकि उन्होंने अपने दरवाज़े से होकर रास्ता देने से मना कर दिया था।

उस खौफनाक सुबह की कहानी, बेटी की ज़ुबानी

मृतक अकलदेव महतो की बेटी रूबी देवी ने रोते-बिलखते हुए जो बताया, वो किसी का भी दिल कंपा सकता है।

उसने कहा, "रविवार की सुबह थी, मैं अपने दरवाज़े पर खड़ी थी। तभी कटिहार का रहने वाला हरि मंडल बाइक लेकर आया और कहने लगा- रास्ता दो, नहीं तो गाड़ी चढ़ाकर मार देंगे।"

"इतने में मेरे पापा (अकलदेव महतो) घर से बाहर निकले और उससे बहस होने लगी। तभी हरि का बाप सुदामा मंडल और उसके तीन और बेटे—पलटू, मंचन और लालू—हाथों में कुदाल, लाठी और भाला लेकर वहां आ धमके। उन्होंने आते ही मेरे पापा पर हमला कर दिया और मेरे पिता के सिर पर कुदाल से सीधा वार किया। पापा वहीं गिर पड़े और कुछ ही देर में उनकी जान चली गई।"

मौका देखकर किया हमला

इस परिवार का दुख इसलिए भी ज़्यादा गहरा है, क्योंकि अकलदेव महतो के दोनों बेटे सिर्फ 12 दिन पहले ही घर की गरीबी दूर करने का सपना लेकर कमाने के लिए बाहर गए थे। हत्यारों को शायद इसी बात का इंतज़ार था। उन्हें लगा कि घर में कोई मर्द नहीं है, तो यह हमला करने का सही मौका है।

कौन हैं ये हत्यारे?

परिवार का आरोप है कि सुदामा मंडल और उसके चारों बेटे अपराधी किस्म के लोग हैं। उनकी ज़मीन अकलदेव के घर के पीछे पड़ती है और वे ज़बरदस्ती उनके दरवाज़े से होकर अपने खेत के लिए रास्ता बनाना चाहते थे, जिसे लेकर पहले भी कई बार झगड़ा हो चुका था।

पुलिस ने बेटी के बयान पर केस दर्ज कर लिया है और लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीम लगातार छापेमारी कर रही है। एक हंसता-खेलता परिवार अब बस इंसाफ का इंतज़ार कर रहा है और उस खौफनाक मंज़र को याद करके कांप रहा है, जब उनके सामने ही उनके मुखिया को बेरहमी से मार डाला गया।