
Up Kiran, Digital Desk: सरकारी नौकरी पाने का सपना देखने वाले हज़ारों युवाओं के लिए SSC की परीक्षा किसी मंजिल से कम नहीं होती। सालों की मेहनत, दिन-रात की पढ़ाई और अनगिनत उम्मीदें इस एक परीक्षा से जुड़ी होती हैं। लेकिन क्या हो, जब इस परीक्षा पर ही धांधली और घोटाले का दाग लग जाए? हाल ही में कुछ ऐसा ही हुआ, जिसने पूरे सिस्टम को हिलाकर रख दिया और अब 59,000 से ज़्यादा उम्मीदवारों को दोबारा परीक्षा देनी होगी।
क्या है पूरा मामला: कुछ समय पहले आयोजित हुई SSC की एक बड़ी परीक्षा के बाद से ही लगातार विवादों का सिलसिला शुरू हो गया था। कई छात्रों और छात्र संगठनों ने परीक्षा के दौरान हुई अनियमितताओं और पेपर लीक होने के गंभीर आरोप लगाए थे।
सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक, छात्रों का गुस्सा साफ दिख रहा था। उनका कहना था कि जब पेपर पहले ही लीक हो गया, तो उनकी सालों की मेहनत का क्या मतलब रह जाता है?
मामले की गंभीरता को देखते हुए, सरकार पर दबाव बढ़ा और एक विशेष जाँच आयोग का गठन किया गया।
सरकार का बड़ा फैसला: दोबारा होगी परीक्षा
छात्रों के भारी विरोध और जाँच आयोग की शुरुआती रिपोर्ट के बाद, कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने एक बड़ा और अभूतपूर्व फैसला लिया है। जिन परीक्षा केंद्रों पर गड़बड़ी की शिकायतें सबसे ज़्यादा थीं, वहाँ के 59,000 से ज़्यादा उम्मीदवारों के लिए परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। इन सभी छात्रों को अब दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलेगा।
यह फैसला उन मेहनती छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है, जो घोटाले के कारण खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे थे। हालांकि, इसका एक दूसरा पहलू यह भी है कि छात्रों को फिर से उसी मानसिक दबाव और तैयारी के दौर से गुज़रना होगा। लेकिन एक निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा के लिए यह एक ज़रूरी कदम माना जा रहा है। आयोग ने कहा है कि दोबारा होने वाली परीक्षा की तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी।
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