Up kiran,Digital Desk : सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का परिवार बॉलीवुड का सबसे प्रतिष्ठित घराना माना जाता है। जहां अभिषेक बच्चन से लेकर आराध्या तक पर अक्सर सबकी निगाहें टिकी होती हैं, वहीं बिग बी की नातिन नव्या नवेली नंदा ने ग्लैमर की दुनिया से दूर अपनी अलग राह चुनी है। आखिर बच्चन परिवार का हिस्सा होने के बावजूद नव्या ने फिल्मों में कदम क्यों नहीं रखा? क्या उन पर नाना की विरासत को आगे बढ़ाने का कोई दबाव था? इन तमाम सवालों पर अब खुद नव्या ने चुप्पी तोड़ी है और अपने दिल की बात दुनिया के सामने रखी है।
क्या था परिवार का दबाव?
अक्सर स्टार किड्स पर माता-पिता के नक्शेकदम पर चलने का अघोषित दबाव होता है, लेकिन नव्या की कहानी इससे अलग है। 'वैरायटी इंडिया' को दिए एक इंटरव्यू में नव्या ने स्पष्ट किया कि घर में इतने दिग्गज सुपरस्टार्स होने के बावजूद उन पर कभी भी एक्ट्रेस बनने का दबाव नहीं डाला गया। उन्होंने बेबाकी से कहा कि बच्चन और नंदा परिवार में हर किसी को अपने फैसले लेने की पूरी आजादी है। नव्या ने साफ किया कि उन्हें कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि उन्हें किसी खास विरासत या परंपरा को ढोना है, बल्कि उन्हें अपनी पसंद का करियर चुनने के लिए हमेशा प्रोत्साहित किया गया।
पापा को काम करते देख मिली असली प्रेरणा
नव्या ने बताया कि उनका झुकाव बचपन से ही बिजनेस और एंटरप्रेन्योरशिप (उद्यमिता) की तरफ था। इसकी वजह कोई और नहीं, बल्कि उनके पिता निखिल नंदा हैं। नव्या ने कहा कि उन्होंने बचपन से अपने पिता, दादी, बुआ और मां श्वेता बच्चन नंदा को अपना बिजनेस संभालते और काम करते देखा है। कैमरे की चमक-धमक से ज्यादा उन्हें बिजनेस मीटिंग्स और नई चीजों का निर्माण करना आकर्षित करता था। यही कारण है कि बहुत कम उम्र में ही उन्होंने तय कर लिया था कि वे कॉरपोरेट जगत में ही अपना नाम बनाएंगी।
नव्या की नजर में क्या है 'सफलता'?
सफलता की परिभाषा पर बात करते हुए नव्या ने एक बहुत ही सुलझा हुआ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनके लिए सफलता का मतलब बड़े आंकड़े या बॉक्स ऑफिस कलेक्शन नहीं है। चूंकि वे डेवलपमेंट सेक्टर (विकास क्षेत्र) और महिला सशक्तिकरण के लिए काम करती हैं, इसलिए अगर वे अपने काम से किसी एक व्यक्ति के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव ला पाती हैं, तो वे खुद को सफल मानती हैं। उनका फोकस भीड़ की बजाय गहराई पर है।
IIM अहमदाबाद से कर रही हैं पढ़ाई
आपको बता दें कि नव्या नवेली नंदा सिर्फ एक बिजनेसवुमन ही नहीं, बल्कि पढ़ाई में भी काफी होशियार हैं। इन दिनों वे देश के प्रतिष्ठित संस्थान 'आईआईएम अहमदाबाद' (IIM Ahmedabad) से ब्लेंडेड पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम की पढ़ाई कर रही हैं। वे 'आरा हेल्थ' जैसी कंपनियों के जरिए स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। उनकी यह यात्रा साबित करती है कि स्टार किड होने का मतलब सिर्फ फिल्म स्टार बनना नहीं होता।




