
Up Kiran, Digital Desk: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा फैसला लेते हुए फेडरल रिजर्व की गवर्नर लीजा कुक (Lisa Cook) को उनके पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई मॉर्गेज फ्रॉड (Mortgage Fraud) के आरोपों के चलते हुई है, जिन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले फेडरल रिजर्व की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
खबरों के मुताबिक, लीजा कुक पर ऐसे आरोप लगे हैं कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मॉर्गेज से जुड़े घोटालों में संलिप्तता दिखाई। ऐसे गंभीर आरोपों के बाद, डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें तत्काल प्रभाव से फेडरल रिजर्व के गवर्नर पद से बर्ख़ास्त करने का आदेश दिया है। यह फैसला ट्रंप के कार्यकाल के दौरान लिए गए उन कड़े कदमों में से एक है, जिनमें उन्होंने अपनी सरकार में किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या गलत काम को बर्दाश्त न करने की नीति अपनाई थी।
फेडरल रिजर्व और लीजा कुक की भूमिका
फेडरल रिजर्व, जिसे अमेरिका की केंद्रीय बैंक के तौर पर जाना जाता है, देश की मौद्रिक नीति और वित्तीय स्थिरता के लिए ज़िम्मेदार है। गवर्नर के तौर पर लीजा कुक की भूमिका बहुत अहम थी। ऐसे में, उन पर लगे आरोप न केवल उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा के लिए बल्कि पूरे फेडरल रिजर्व सिस्टम के लिए चिंता का विषय बन गए थे।
आर्थिक और राजनीतिक असर
इस बर्ख़ास्तगी का अमेरिका की अर्थव्यवस्था और बाज़ारों पर भी असर पड़ सकता है। निवेशक और कारोबारी ऐसे समय में अनिश्चितता महसूस करते हैं, जब केंद्रीय बैंक जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों की निष्ठा पर सवाल उठते हैं। डोनाल्ड ट्रंप का यह कदम यह भी दर्शाता है कि वे अपनी नीतियों और नियुक्तियों को लेकर कितने सख्त हैं, खासकर जब बात अर्थव्यवस्था और वित्तीय सुरक्षा की हो।
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