Up kiran,Digital Desk : भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा और उत्पीड़न पर गंभीर चिंता जताई है और पड़ोसी देश की सरकार से सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि बांग्लादेश में हाल में सामने आए हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हमलों की घटनाएँ “चिंताजनक प्रवृत्ति” हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। भारत ने विशेष रूप से दीपू चंद्र दास जैसे युवकों की हत्या की कड़ी निंदा की है और दोषियों को न्याय के सामने लाने की उम्मीद जताई है।
MEA के बयान में यह भी कहा गया कि कई घटनाओं में सांप्रदायिक अत्याचार, घरों पर हमला, और उन समुदायों के खिलाफ दुर्व्यवहार जैसी घटनाएँ दर्ज की गई हैं। विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से आग्रह किया कि वह अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर ठोस कदम उठाए और दोषियों को सख्त सजाएँ दिलाई जाएँ।
इस मुद्दे पर भारत ने यह स्पष्ट किया कि यह विषय केवल स्थानीय घटना नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता, मानवाधिकार और साझा सांस्कृतिक संबंधों से जुड़ा है, इसलिए बातचीत और न्याय के लिए दोनों देशों को मिलकर काम करना चाहिए। भारत ने यह भी कहा कि वह ढाका के साथ द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूती से निभाने के इच्छुक है, मगर साथ ही अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता भी व्यक्त करता रहेगा।
बांग्लादेश में हालिया हिंसा की पृष्ठभूमि में यह बयान तब आया है जब दिसंबर में कई अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हमले, घरों और मंदिरों पर कब्जा तथा झूठे आरोप जैसे मामलों की रिपोर्टें सामने आईं, जिनसे स्थिति और संवेदनशील हो गई है।




