Up Kiran,Digital Desk: भारत बनाम पाकिस्तान का मुकाबला T20 वर्ल्ड कप 2026 के सबसे प्रतीक्षित मैचों में से एक है, लेकिन पाकिस्तान के मुकाबले में शामिल होने को लेकर अब संकट गहराने लगा है। अगर पाकिस्तान इस मैच से पीछे हटता है, तो भारत के लिए यह केवल एक खेल नहीं बल्कि एक कड़ा कानूनी और प्रतिस्पर्धी मुद्दा बन जाएगा।
पाकिस्तान की सरकार का विवादास्पद फैसला
पाकिस्तान की सरकार ने अपने क्रिकेट बोर्ड को भारत के खिलाफ होने वाले मैच का बहिष्कार करने का आदेश दिया है, हालांकि, अन्य मैचों में भाग लेने की अनुमति दी है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इस आदेश का पालन किया है, और इसका परिणाम वैश्विक स्तर पर देखा जा रहा है। ICC ने इसे लेकर कड़ा रुख अपनाया है, जिसमें चुनावी भागीदारी की अनुमति न देने का स्पष्ट संदेश दिया गया है।
BCCI का मजबूत समर्थन
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने ICC के पक्ष को समर्थन दिया है। BCCI ने साफ तौर पर कहा है कि टीम इंडिया इस मैच के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करेगी। बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने एक बयान में कहा कि वे ICC के दिशा-निर्देशों के साथ पूरी तरह से सहमत हैं और अब तक कोई भविष्यवाणी या अनुमान नहीं लगाएंगे। वे केवल ICC के आदेशों का पालन करेंगे।
भारत की तैयारी
हालांकि पाकिस्तान के साथ इस मैच की स्थिति स्पष्ट नहीं है, भारत अपनी तैयारी को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त है। सूत्रों ने पुष्टि की है कि भारत टीम निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्रीलंका जाएगा।
टीम इंडिया के ट्रेनिंग सत्र होंगे, और मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस भी होगी।
मैच के दिन, टीम समय पर स्टेडियम पहुंचेगी और फिर मैच रेफरी के निर्णय का इंतजार करेगी।
ICC के नियमों के तहत, अगर पाकिस्तान मैदान पर नहीं आता है, तो भारत को बिना कोई गेंद फेंके दो अंक मिल जाएंगे।
ICC की चेतावनी: खेल की निष्पक्षता की रक्षा
ICC ने अपनी आधिकारिक स्थिति में स्पष्ट किया है कि इस तरह की भागीदारी का संकट टूर्नामेंट की साख को कमजोर कर सकता है। हालांकि ICC सरकारों के फैसलों का सम्मान करता है, लेकिन उसने चेतावनी दी है कि ऐसी स्थिति लंबे समय में क्रिकेट के पर्यावरण और इसके वाणिज्यिक पक्ष पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
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