UP Kiran,Digital Desk: योगी सरकार ने राज्य को सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र बनाने की बजाय पर्यटन के लिहाज से भी एक मजबूत पहचान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अब यह प्रयास छोटे जिलों और प्राकृतिक क्षेत्रों तक पहुंचने की ओर बढ़ रहा है। राज्य सरकार का यह उद्देश्य है कि पर्यटन को सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि हर जिले में इस क्षेत्र का विस्तार किया जाए।
टूरिज्म लॉज के जरिए नए अवसरों की शुरुआत
उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (UPSTDC) अब राज्य के विभिन्न हिस्सों में आधुनिक टूरिस्ट लॉज और बंगलों का निर्माण कर रहा है। यह कदम पर्यटकों को बेहतर रहने की सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। सरकार का मानना है कि जब इन क्षेत्रों में पर्यटन सुविधाएं बढ़ेंगी, तो यह स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर उत्पन्न करेगा।
11 जिलों में निर्माण कार्य शुरू
इन परियोजनाओं के तहत 11 जिलों में नए टूरिस्ट लॉज और बंगलों का निर्माण किया जा रहा है। खास बात यह है कि इन स्थानों का चयन धार्मिक और प्राकृतिक महत्व के आधार पर किया गया है। जैसे कि मथुरा के गोकुल क्षेत्र, आगरा के बटेश्वर, कासगंज के सोरों, और सीतापुर जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल अब पर्यटकों के लिए बेहतर आवास सुविधाओं से सुसज्जित होंगे। इसी तरह, एटा के पटना पक्षी विहार, हरदोई की सांडी झील और बुलंदशहर के नरौरा जैसे इलाकों में प्राकृतिक प्रेमियों के लिए इको-टूरिज्म सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके अलावा, प्रतापगढ़, औरैया, बदायूं और शामली में भी नए लॉज बनाए जाएंगे।
पुराने ढांचे का सुधार और नवीनीकरण
सरकार सिर्फ नए टूरिस्ट लॉज ही नहीं बना रही, बल्कि पुराने और मौजूदा पर्यटक सुविधाओं को भी नया रूप दे रही है। प्रयागराज के त्रिवेणी दर्शन केंद्र को बढ़ाने के लिए नए भवन बनाए जा रहे हैं। इलावर्त में राही टूरिस्ट लॉज की सुविधाओं का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। वाराणसी, चित्रकूट और बलरामपुर में स्थित राही टूरिस्ट लॉज में मरम्मत और सजावट का काम तेजी से चल रहा है, ताकि पर्यटकों को अंतरराष्ट्रीय मानकों की सुविधाएं मिल सकें।
स्थानीय विकास को बढ़ावा
इन परियोजनाओं का स्थानीय समुदाय पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। पर्यटन से जुड़ी विभिन्न सेवाओं जैसे होटल, परिवहन, खाद्य पदार्थ और स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा होगा। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर उत्पन्न करने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। इस प्रकार, उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि राज्य में धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों का संतुलित विकास हो और छोटे शहरों में भी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा सके।


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