बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक जानिए किन- किन चीजों के कितने बढ़े हैं दाम

जहा तक देखा गया की कोरोना महामारी की वजह से महंगाई अपने चरम सीमा पर हैं, महंगाई को लगातार बढ़ते देख जनता का हाल बेहाल होता जा रहा हैं

जहा तक देखा गया की कोरोना महामारी की वजह से महंगाई अपने चरम सीमा पर हैं, महंगाई को लगातार बढ़ते देख जनता का हाल बेहाल होता जा रहा हैं। इस साल जून महीने में देश की थोक महंगाई दर में मई के मुकाबले नरमी देखने को मिली। सरकार की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश की थोक महंगाई दर जून में 12.07 फीसद पर रही, जो जून मई महीने में 12.94 फीसद पर रही थी।

सरकारी आंकड़ों में कहा गया है कि जून में ईंधन की कीमतों में 32.83 फीसद की तेजी देखने को मिली। वहीं, मैन्युफैक्चर्ड आइटम्स की महंगाई दर में 10.88 फीसद की बढ़ोत्तरी देखने को मिली।

लो बेस इफेक्ट का असर भी जून की महंगाई दर के आंकड़ों में देखने को मिला। उल्लेखनीय है कि जून, 2020 में थोक महंगाई दर (-) 1.81% पर रही थी।

लगातार पांच महीनों तक बढ़त के बाद जून में थोक महंगाई दर में नरमी देखी गई। मैन्युफैक्चर्ड आइटम्स में भाव तेजी के बावजूद खाने-पीने की वस्तुओं के दाम में कमी से थोक महंगाई दर में यह कमी देखने को मिली।

प्याज के भाव में थोड़ी तेजी के बावजूद खाने-पीने की वस्तुओं से जुड़ी थोक महंगाई दर नरमी के साथ 3.09 फीसद पर रही। मई में यह 4.31 फीसद पर रही थी।

मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की बात की जाए तो जून में इस सेग्मेंट की महंगाई दर 10.88 फीसद पर रही, जो मई में 10.83 फीसद पर रही थी।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा है, ”लो बेस इफेक्ट और साल के अन्य महीनों की तुलना में पेट्रोल, डीजल इत्यादि और बेसिक मेटल, फूड प्रोडक्ट्स, केमिकल प्रोडक्ट्स के दाम में तेजी से जून 2021 में महंगाई दर ऊंची रही।”

जून में ईंधन और बिजली सेग्मेंट में महंगाई 32.83 फीसद पर रही। हालांकि, मई महीने के मुकाबले इन दोनों सेग्मेंट में नरमी देखने को मिली। मई माह में इन दोनों सेग्मेंट में थोक महंगाई दर 37.61 फीसद पर रही।

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