चीन नहीं बल्कि इस मुस्लिम देश से हो सकता अमेरिका का युद्ध, हथियारों को कर रहा तैयार

चीन के उपरांत अमेरिका और तुर्की के बीच का तनाव भी गर्माता जा रहा है

नई दिल्ली॥ चीन के उपरांत अमेरिका और तुर्की के बीच का तनाव भी गर्माता जा रहा है, वहीं दोनों देशों के बीच रूस की एंट्री होने से मामला और गंभीर हो गया। रिपोर्ट्स के अनुसार तुर्की की फौज रूस के एस 400 डिफेंस सिस्टम का यूज अमेरिका के विरूद्ध कर रही है।Trump

रूसी सुरक्षा सिस्टम को एक्टीवेट कर टर्किश फ़ोर्स एफ 16 लड़ाकू विमान का पता लगाने में जुटी है। ऐसे में अब यूएसए के दो सीनेटरों ने इस पर नाराजगी जताते हुए तुर्की पर बैन लगाने की मांग की है। दरअसल, अमेरिका में दो सांसदों ने यूएस के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो को लेटर लिख कर मांग की है कि तुर्की पर बैन लगा दिया जाएं।

उन्होंने लेटर के में लिखा कि तुर्की ने रूस से खरीदे गए S-400 एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम के रडार को एक्टिव किया है। इस रडार के जरिए तुर्की एफ-16 जहाजों को ट्रैक करने की कोशिश कर रहा है। बता दें कि एफ 16 फाइटर प्लेन नाटो के यूनुमिया मिलिट्री एक्सरसाइड में शामिल फ्रांस, इटली, ग्रीस तथा साइप्रस के हैं।

अमेरिका के विरूद्ध इन हथियारों का उपयोग

आपको बता दें कि तुर्की के पास रूस के खरीदा एस 400 सुरक्षा सिस्टम हैं तो वहीं यूएसए से खरीदा एफ-16 फाइटर जेट भी है। तुर्की फ़ोर्स ने अमेरिकी लड़ाकू विमान में कुछ बदलाव करते हुए इसे एफ 16एस नाम दिया है। हालांकि हाल के कई दिनों में दोनों देशों के बीच रिश्ते ठीक नहीं चल रहे। ऐसे में तुर्की ने अमेरिका के विरूद्ध रूसी हथियारों का उपयोग करना शुरू कर दिया है। ऐसे में लोगों की जबानों पर यही चर्चा है कि अमेरिका का चीन से नहीं बल्कि तुर्की से युद्ध छिड़ सकता है।

 

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