रेलवे का 'हनीमून सुइट': ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच को बना दिया बेडरूम; गुलाब, गुब्बारे और I love you का वीडियो देख चौंक गई दुनिया
भारतीय रेलवे (Indian Railways) में सफर के दौरान रील बनाने और अजीबो-गरीब हरकतें करने का एक नया और हैरान कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। इस बार एक कपल ने ट्रेन के फर्स्ट एसी (First AC) कोच के पूरे कूपे को ही 'हनीमून सुइट' में तब्दील कर दिया। चारों तरफ लाल-गुलाबी गुब्बारे, बिखरी हुई गुलाब की पंखुड़ियां और शीशे पर लिपस्टिक से लिखा 'I Love You'... इस नजारे का वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर वायरल हुआ, लोगों के होश उड़ गए। लोग पूछने लगे कि क्या ट्रेन में इस तरह की सजावट और हरकतें करने की अनुमति है? मामले को बढ़ता देख भारतीय रेलवे ने इस पर तुरंत कड़ा संज्ञान लेते हुए एक बड़ा आधिकारिक बयान जारी किया है।
फर्स्ट एसी कूपे के भीतर का नजारा देखकर सहयात्री भी रह गए दंग
वायरल हो रहे इस शॉर्ट वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक्सप्रेस ट्रेन के फर्स्ट क्लास एसी कूपे (जिसमें दो या चार बर्थ का एक प्राइवेट केबिन होता है) को एक कपल ने पूरी तरह से किसी फाइव स्टार होटल के रूम की तरह डेकोरेट कर रखा है। ऊपर की बर्थ से लेकर नीचे की सीट तक गुब्बारे लटके हुए हैं और फर्श पर गुलाब के फूल बिछे हैं। जैसे ही यह वीडियो इंस्टाग्राम और एक्स (Twitter) पर पोस्ट किया गया, सहयात्रियों और रेलवे प्रेमियों ने सुरक्षा और सहूलियत को लेकर तीखे सवाल खड़े कर दिए। लोगों का कहना था कि ट्रेन सार्वजनिक संपत्ति है, न कि किसी का पर्सनल बेडरूम।
वीडियो वायरल होने के बाद एक्शन में आया रेलवे प्रशासन
इस वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने रेल मंत्रालय और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को टैग करना शुरू कर दिया। लोगों ने शिकायत की कि इस तरह की सजावट से आग लगने का खतरा (Fire Hazard) हो सकता है और गुब्बारे फुलाने या चिपकाने के लिए इस्तेमाल की गई सामग्रियों से रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंच सकता है। चौतरफा दबाव के बाद रेलवे के आधिकारिक हैंडल से इस पर जवाब जारी किया गया। रेलवे ने स्पष्ट किया कि ट्रेनों के भीतर किसी भी प्रकार की ऐसी अनधिकृत गतिविधि या सजावट जो सहयात्रियों को असुविधा पहुंचाए या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करे, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
क्या कहते हैं रेलवे के नियम और जुर्माना
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेन के डिब्बों में सहयात्रियों को असुविधा पहुंचाना या सार्वजनिक संपत्ति के साथ छेड़छाड़ करना रेलवे अधिनियम (Railways Act) के तहत एक दंडनीय अपराध है।
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असुविधा और उपद्रव: धारा 145 के तहत ट्रेन में किसी भी तरह का उपद्रव या सहयात्रियों को परेशान करने पर जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है।
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रील संस्कृति पर सख्ती: रेलवे ने साफ किया है कि चलती ट्रेन में सहयात्रियों की निजता (Privacy) को भंग करके वीडियो बनाना या रील्स के चक्कर में ट्रेन के इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाना भारी पड़ सकता है और आरपीएफ ऐसे मामलों में सीधे हिरासत में ले सकती है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस: क्रिएटिविटी या नियमों की धज्जियां?
इस वीडियो के सामने आने के बाद इंटरनेट दो धड़ों में बंट गया है। कुछ यूजर्स का कहना है कि चूंकि कपल ने फर्स्ट एसी का पूरा कूपे (प्राइवेट केबिन) बुक किया था, इसलिए वे इसके भीतर कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र हैं और इससे दूसरों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। वहीं, दूसरी तरफ बहुसंख्यक लोगों का मानना है कि फर्स्ट एसी कूपे के भीतर भी रेलवे का स्टाफ, अटेंडेंट और टीटीई लगातार आते-जाते हैं। ऐसे में इस तरह की हरकतें रेलवे के डेकोरम और सुरक्षा नियमों के खिलाफ हैं। फिलहाल रेलवे इस बात की जांच कर रहा है कि यह वीडियो किस ट्रेन का है ताकि संबंधित पैसेंजर्स के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।