"मैनेजर हो तो ऐसा न हो!" बारिश के पानी में डूबा था घर, कर्मचारी ने मांगा Work From Home, तो मिला ऐसा दिल दहला देने वाला जवाब; चैट वायरल
मानसून के मौसम में जहां झमाझम बारिश लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत देती है, वहीं कामकाजी लोगों के लिए यह किसी बड़ी आफत से कम नहीं होती। जलभराव और ट्रैफिक जाम के बीच ऑफिस पहुंचना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसी ही वॉट्सऐप चैट तेजी से वायरल हो रही है, जिसने कॉरपोरेट जगत की संवेदनशीलता पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। मूसलाधार बारिश के चलते घर के बाहर घुटनों तक पानी भरे होने के कारण जब एक कर्मचारी ने अपने बॉस से 'वर्क फ्रॉम होम' (WFH) की गुहार लगाई, तो मैनेजर ने जो जवाब दिया उसे देखकर इंटरनेट यूजर्स का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
"जब मैं आ सकता हूं, तो तुम क्यों नहीं?" मैनेजर के इस जवाब पर भड़के लोग
वायरल स्क्रीनशॉट के मुताबिक, कर्मचारी ने सुबह-सुबह अपने मैनेजर को घर के बाहर जलभराव की एक तस्वीर भेजी और लिखा कि भारी बारिश के कारण सड़कें पूरी तरह डूब चुकी हैं, इसलिए वह आज घर से ही काम (WFH) करना चाहता है। इस पर सहानुभूति दिखाने के बजाय मैनेजर ने बेहद कड़ा और रूखा रुख अपनाते हुए जवाब दिया, "मैं भी उसी शहर में रहता हूं और ठीक समय पर ऑफिस पहुंच चुका हूं। जब मैं आ सकता हूं, तो तुम क्यों नहीं? कोई बहाना नहीं चलेगा, मुझे तुम ऑफिस में चाहिए।" मैनेजर के इस "टॉक्सिक" बर्ताव को देखकर कर्मचारी के साथ-साथ सोशल मीडिया यूजर्स भी सन्न रह गए।
कॉरपोरेट कल्चर और प्राइवेसी को लेकर छिड़ी बड़ी बहस
यह चैट जैसे ही लिंक्डइन, एक्स (ट्विटर) और रेडिट जैसे प्लेटफॉर्म्स पर शेयर की गई, देखते ही देखते यह वायरल हो गई। लाखों लोग इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और मैनेजर की जमकर क्लास लगा रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि हर किसी के पास एक जैसी गाड़ियां या ट्रैवलिंग के साधन नहीं होते। किसी के इलाके में पानी ज्यादा भरा हो सकता है, तो किसी का रास्ता ज्यादा खतरनाक हो सकता है। लोगों ने इसे 'टॉक्सिक कॉरपोरेट कल्चर' का एक और जीता-जागता उदाहरण बताया है, जहां कर्मचारी की सुरक्षा से ज्यादा उसकी मौजूदगी को तवज्जो दी जाती है।
रिमोट वर्किंग और एम्प्लोयी वेलबीइंग पर उठ रहे हैं सवाल
इस घटना ने एक बार फिर कंपनियों के रिमोट वर्किंग और एम्प्लोयी वेलबीइंग (कर्मचारी कल्याण) के दावों की पोल खोलकर रख दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जो काम लैपटॉप और इंटरनेट के जरिए घर बैठे आसानी से किया जा सकता है, उसके लिए खराब मौसम में कर्मचारी की जान जोखिम में डालना बिल्कुल भी समझदारी नहीं है। इस वायरल चैट के बाद कई लोग मीम्स के जरिए कड़े बॉस और कॉरपोरेट लाइफ का मज़ाक उड़ा रहे हैं, तो कई लोग कंपनियों से अपने मैनेजर्स को संवेदनशील बनाने की मांग कर रहे हैं।