सरकार का बड़ा ऐलान, दुर्गा पूजा पर महिलाओं को मिलेंगे 1500 रुपए
दुर्गा पूजा के पावन त्योहार से पहले असम सरकार ने राज्य की जनता, महिलाओं और चाय बागान कर्मियों के लिए खजाना खोलते हुए कई बड़े और कल्याणकारी फैसलों पर मुहर लगाई है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में जनहित से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई।
सरकार ने त्योहारों की खुशी दोगुनी करने के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थियों से लेकर चाय उद्योग से जुड़े लाखों श्रमिकों को सीधे वित्तीय लाभ देने का ऐलान किया है। इसके अलावा राज्य की स्वायत्त परिषदों के आगामी चुनावों को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी गई है।
दुर्गा पूजा पर 'अरुनोदोई' योजना में इजाफा, मिलेंगे ₹1500
त्योहारी सीजन को देखते हुए असम कैबिनेट ने राज्य की सबसे लोकप्रिय 'अरुनोदोई' (Orunodoi) योजना के लाभार्थियों को विशेष आर्थिक राहत देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ऐलान किया कि दुर्गा पूजा के उपहार के रूप में अक्टूबर 2026 के महीने के लिए लाभार्थियों को नियमित 1,250 रुपये के अनुदान के स्थान पर 1,500 रुपये की बढ़ी हुई आर्थिक सहायता सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इस कदम से राज्य की लाखों महिलाओं और परिवारों को पूजा के दौरान अपनी घरेलू और त्योहार की जरूरतों को पूरा करने में सीधी मदद मिलेगी।
चाय बागान कर्मियों को 20% बोनस और 17 अक्टूबर को अतिरिक्त छुट्टी
असम की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले चाय उद्योग के श्रमिकों को भी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। कैबिनेट ने असम टी कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ATCL) के अंतर्गत आने वाले सभी चाय बागानों के योग्य श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए 20 प्रतिशत पूजा बोनस को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही, कर्मचारियों और आम जनता को त्योहार का पूरा आनंद लेने के लिए छुट्टियों का भी विस्तार किया गया है। सरकार ने पहले से तय चार दिनों की पूजा छुट्टियों के अतिरिक्त 17 अक्टूबर 2026 को भी राज्यभर में दुर्गा पूजा के सार्वजनिक अवकाश के रूप में घोषित किया है।
नवंबर में बिना दलीय आधार के होंगे मिसिंग और सोनोवाल काउंसिल चुनाव
स्थानीय स्वशासन और जनजातीय विकास को मजबूती देने के लिए मुख्यमंत्री ने आगामी निकाय चुनावों की रूपरेखा भी साझा की। उन्होंने बताया कि असम सरकार आगामी नवंबर महीने में 'मिसिंग ऑटोनॉमस काउंसिल' (MAC) और 'सोनोवाल ऑटोनॉमस काउंसिल' (SAC) के चुनाव कराने जा रही है। सबसे खास बात यह रहेगी कि ये दोनों ही स्वायत्त परिषदों के चुनाव गैर-दलीय आधार पर संपन्न कराए जाएंगे, यानी इसमें उम्मीदवार किसी राजनीतिक पार्टी के चुनाव चिह्न पर नहीं बल्कि स्वतंत्र रूप से अपनी दावेदारी पेश करेंगे।
चुनाव आयोग एक सामूहिक संस्था, CEC को निशाना बनाना विपक्ष की हताशा: CM
राजनीतिक और संवैधानिक मुद्दों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के कामकाज और स्वतंत्रता का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने कहा कि देश भर में यह गलत नैरेटिव फैलाना कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) एकतरफा फैसले ले रहे हैं, संवैधानिक मर्यादाओं के खिलाफ है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग एक कलेक्टिव बॉडी (सामूहिक संस्था) है, जहां कोई भी अंतिम निर्णय आम सहमति या बहुमत के आधार पर ही होता है। यदि मुख्य चुनाव आयुक्त या कोई अन्य आयुक्त अल्पमत में हों, तो आयोग कोई आदेश लागू नहीं कर सकता। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को निजी तौर पर निशाना बनाना केवल एक राजनीतिक अभियान है, जो विपक्ष और 'दिमागी नक्सलियों' की हताशा को दर्शाता है।