ब्रेस्ट में खुजली और जलन, साधारण स्किन इन्फेक्शन समझने की भूल पड़ सकती है भारी

ब्रेस्ट में खुजली और जलन, साधारण स्किन इन्फेक्शन समझने की भूल पड़ सकती है भारी

स्तनों में खुजली महसूस होना आमतौर पर एक सामान्य स्थिति मानी जाती है, जिसकी मुख्य वजह रूखी त्वचा, पसीना, टाइट कपड़े, एलर्जी या कोई साधारण स्किन इन्फेक्शन हो सकता है। अधिकांश मामलों में यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता और त्वचा को ठीक से मॉइश्चराइज रखने या साफ-सफाई बरतने से ठीक हो जाता है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह खुजली लंबे समय तक बनी रहे और इसके साथ त्वचा के रंग, रूप या निप्पल की बनावट में असामान्य बदलाव नजर आने लगें, तो इसे कतई नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

अक्सर महिलाओं में यह आम धारणा रहती है कि ब्रेस्ट कैंसर की पहचान केवल गांठ बनने से ही होती है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। कैंसर के कई दुर्लभ रूप ऐसे भी होते हैं जिनमें कोई गांठ नहीं महसूस होती, बल्कि शुरुआती लक्षण सामान्य त्वचा रोग जैसे प्रतीत होते हैं। उदाहरण के तौर पर, ब्रेस्ट का 'पेजेट्स रोग' (Paget's Disease) एक ऐसी ही स्थिति है जिसमें निप्पल और उसके आसपास तेज खुजली, जलन, लालिमा और पपड़ीदार त्वचा जैसे लक्षण उभरते हैं। कई बार महिलाएं इसे साधारण एक्जिमा या डर्मेटाइटिस समझकर घरेलू उपचार करती रहती हैं, जिससे वास्तविक बीमारी की पहचान में देरी हो जाती है।

इसी तरह 'इंफ्लेमेटरी ब्रेस्ट कैंसर' (IBC) स्तन कैंसर का एक बेहद आक्रामक लेकिन दुर्लभ प्रकार है, जिसमें गांठ बनने के बजाय स्तन में तेजी से सूजन, भारीपन, गर्माहट और लाली आ जाती है। इसमें स्तन की त्वचा मोटी होकर संतरे के छिलके जैसी खुरदरी (Peau d'orange) दिखाई देने लगती है। यह समस्या पहली नजर में किसी साधारण इन्फेक्शन या मैस्टाइटिस जैसी लगती है। इसके अलावा निप्पल का अचानक अंदर की ओर धंसना, असामान्य डिस्चार्ज, त्वचा पर गड्ढे पड़ना या लगातार तेज दर्द बने रहना भी गंभीर संकेत हो सकते हैं। यद्यपि ये लक्षण कई गैर-कैंसर कारणों से भी हो सकते हैं, फिर भी अगर खुजली या त्वचा से जुड़े बदलाव लंबे समय तक ठीक न हों, तो समय रहते विशेषज्ञ डॉक्टर या ऑन्कोलॉजिस्ट से परामर्श लेना ही सबसे सुरक्षित कदम है।