post-slider

60 मजदूरों से भरी बस में दौड़ा 11 हजार वोल्ट का करंट, दंपती की तड़पकर मौत, 8 गंभीर

बिहार के नालंदा जिले से एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाले हादसे की खबर सामने आई है। पावापुरी थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध शमवशरण मंदिर के पास बुधवार को मजदूरों से खचाखच भरी एक यात्री बस अचानक 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन बिजली के तार की चपेट में आ गई। तार के संपर्क में आते ही पूरी बस में हाई वोल्टेज करंट दौड़ गया, जिससे गाड़ी के भीतर चीख-पुकार और कोहराम मच गया। इस दर्दनाक हादसे में करंट की चपेट में आने से एक गरीब मजदूर दंपती (पति-पत्नी) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आठ अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। सभी घायलों को आनन-फानन में इलाज के लिए पावापुरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (VIMS) में भर्ती कराया गया है, जहां पांच लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

छत पर रखी साइकिल बनी काल, ऐसे बस में उतरा मौत का करंट

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभागे बस पर करीब 60 मजदूर सवार थे। ये सभी मजदूर नरकटिया स्थित एक ईंट-भट्ठे पर काम खत्म करके अपने गांव घोसरावां लौट रहे थे। मजदूरों ने अपनी सुविधा के लिए बस की छत पर एक साइकिल भी बांध रखी थी। जैसे ही बस पावापुरी के शमवशरण मंदिर के समीप पहुंची, तभी सड़क के ऊपर से गुजर रहा 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार बस की छत पर रखी उस साइकिल से छू गया। लोहा बिजली का सुचालक होने के कारण देखते ही देखते पूरी बस एक इलेक्ट्रिक चैंबर में तब्दील हो गई और उसमें तगड़ा करंट प्रवाहित होने लगा।

जान बचाने की मची अफरा-तफरी, रुदल मांझी और पत्नी फूलो देवी ने मौके पर तोड़ा दम

हादसा इतना अचानक और भयावह था कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बस के भीतर मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर इधर-उधर भागने और खिड़कियों से कूदने की कोशिश करने लगे। इस खौफनाक मंजर के बीच करंट का सीधा झटका लगने से मजदूर रुदल मांझी और उनकी पत्नी फूलो देवी की घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। दोनों दिन-रात मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालते थे।

हादसे को देखकर आस-पास के स्थानीय ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े। ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर तत्परता दिखाई और घायलों को किसी तरह बस से बाहर निकाला। स्थानीय लोगों की मदद से ही सभी आठ झुलसे हुए लोगों को तुरंत पावापुरी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। घायलों की पहचान पुटूस कुमारी, रिंकू देवी, करु मांझी, संतोष मांझी, पवन मांझी, सरोज देवी, धर्मेंद्र मांझी और राजकुमार मांझी के रूप में हुई है, जिनका डॉक्टरों की देखरेख में आपातकालीन वार्ड में इलाज चल रहा है।

पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच में जुटी पावापुरी थाना टीम

दिल दहला देने वाली इस घटना की सूचना मिलते ही पावापुरी थाना की पुलिस टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची और बेकाबू स्थिति को संभाला। पुलिस ने सबसे पहले बिजली विभाग से संपर्क कर लाइन को पूरी तरह कटवाया। इसके बाद दोनों मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है।

पावापुरी के थानाध्यक्ष गौरव कुमार सिंह ने आधिकारिक बयान में बताया कि शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयान के मुताबिक, बस की छत पर लोड की गई साइकिल का हाईटेंशन बिजली के तार से स्पर्श होना ही इस हादसे की मुख्य वजह है। बस में सवार सभी लोग ईंट-भट्ठे की मजदूरी से वापस अपने घर लौट रहे थे। पुलिस प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या बस की ऊंचाई तय मानकों से अधिक थी या बिजली का तार जरूरत से ज्यादा नीचे लटका हुआ था। इस हादसे के बाद से पूरे घोसरावां गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।

 

 

Latest Posts